24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी, 8 से 17 अक्टूबर तक चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

जलालपुर, अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को जलालपुर तहसील में लेखपालों ने तहसील दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। लंबित मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज लेखपालों ने शासन और विभाग के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।

तहसील अध्यक्ष जयकरन पाल और तहसील मंत्री अजय प्रताप ने बताया कि लेखपाल लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर शासन और विभाग का ध्यान आकर्षित करा रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
8 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन
संघ पदाधिकारियों ने आंदोलन की अगली रणनीति बताते हुए कहा कि 8 अक्टूबर को सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। 10 अक्टूबर को थाना दिवस के दौरान काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर को तहसील और जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे।

वहीं 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी और 17 अक्टूबर को तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 24 अक्टूबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
10 साल से लंबित ग्रेड पे की मांग
लेखपाल संघ के मुताबिक प्रमुख मांगों में करीब 10 वर्षों से लंबित प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे दिए जाने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग शामिल है। इसके अलावा करीब आठ वर्षों से लंबित अंतर मंडलीय स्थानांतरण, लंबे समय से जारी नहीं हुई पदोन्नति सूची तथा विभिन्न भत्तों में वृद्धि की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
लेखपालों ने पदोन्नति के बाद भी संबंधित पटल से नाम नहीं हटाए जाने और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के कार्यों से अवमुक्त नहीं किए जाने जैसी समस्याओं के समाधान की भी मांग की।
संघ पदाधिकारियों ने शासन से सभी लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
