पत्नी और दो बच्चों के सामने खड़ा हुआ रोजी-रोटी का संकट

जलालपुर, अंबेडकरनगर। कटका थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव में सोमवार को करंट की चपेट में आने से 31 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर की मौत हो गई। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने शव को रफीगंज-जलालपुर मुख्य मार्ग पर कुटिया बीज गोदाम के पास रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक सड़क पर आवागमन बाधित रहा।

परिजनों के अनुसार सैदपुर गांव निवासी संतोष निषाद पुत्र हरि निषाद सोमवार सुबह बाजार जाने के लिए घर से निकले थे। बताया गया कि खेत में पानी पहुंचाने के लिए कथित रूप से अवैध तार-कटिया लगाई गई थी। इसी दौरान संतोष नंगे तार की चपेट में आकर अचेत हो गए। जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भियांव ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को लेकर शव को मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने हादसे की परिस्थितियों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई तथा मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
जाम की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कटका अक्षय पटेल, उप जिलाधिकारी मधुमिता सिंह, क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार सिंह और कोतवाल जलालपुर अजय प्रताप सिंह यादव मौके पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए जैतपुर और बसखारी थानों की पुलिस भी मौके पर बुला ली गई।

अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से काफी देर तक बातचीत की और उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के समझाने के बाद परिजनों ने शव को सड़क से हटा लिया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए।
परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट
संतोष निषाद दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत के बाद पत्नी और दो छोटे बच्चों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। मृतक के दो पुत्र हैं, जिनमें बड़े की उम्र करीब 12 वर्ष और छोटे की उम्र महज चार वर्ष है। परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के बाद खेत में कथित रूप से लगाए गए तार-कटिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर घटना की परिस्थितियों तथा कथित अवैध विद्युत कनेक्शन की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
