वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025 का प्रस्ताव रखा, जो पान मसाला जैसी वस्तुओं पर कर लगाएगा। लोकसभा में बोलते हुए, सीतारमण ने कहा कि विधेयक में आवश्यक वस्तुओं पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा, और लेवी से प्राप्त राजस्व को स्वास्थ्य योजनाओं पर खर्च करने के लिए राज्यों के साथ साझा किया जाएगा।
मंत्री ने कहा, “यह एक उपकर है, और इसे किसी आवश्यक वस्तु पर नहीं लगाया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य अवगुण वस्तुओं पर उपकर लगाना है, जो महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़े हैं। हम ऐसी लागत लगाना चाहते हैं, ताकि यह एक निवारक हो, ताकि लोग इसका उपयोग न करें।”
इसकी खपत के आधार पर पान मसाला पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत अधिकतम 40 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा. सीतारमण ने कहा, इस उपकर का जीएसटी राजस्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्रस्तावित विधेयक, जो जीएसटी के अतिरिक्त होगा, पान मसाला विनिर्माण कारखानों में मशीनों की उत्पादन क्षमता पर लगाया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा, ”प्रत्येक कारखाने के लिए उपकर देनदारी उनकी उत्पादन क्षमता के आधार पर अलग-अलग होगी।”
