उन्होंने कहा कि मौलाना शम्सुल हुदा खान के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला यूपी आतंकवाद विरोधी दस्ते की एक प्राथमिकी से जुड़ा है।
संघीय जांच एजेंसी के अनुसार, खान को 1984 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहायता प्राप्त मदरसे में सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था।
अधिकारियों ने कहा कि उन पर आरोप है कि उन्होंने 2013 में ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली थी, लेकिन दावा किया गया है कि न तो भारतीय नागरिक होने और न ही विदेश में रहने के दौरान शिक्षण कर्तव्यों का निर्वहन करने के बावजूद उन्होंने 2013-2017 तक वेतन प्राप्त करना जारी रखा।
