जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर रास्ता बनवाने का मातहतों को दिया निर्देश

जलालपुर, अंबेडकरनगर। जलालपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम चौबे का पूरा में वर्षों पुरानी रास्ते की समस्या अब समाधान की ओर बढ़ती नजर आ रही है। ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर रास्ते की पैमाइश और ग्राम समाज की भूमि की निशानदेही कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के इस कदम से ग्रामीणों में समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है।
पूर्वजों के समय से रास्ता होने का दावा
ग्राम चौबे का पूरा, विकासखंड जलालपुर निवासी गुलाम मोहम्मद सहित अन्य ग्रामीणों ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि गांव से बाहर आने-जाने के लिए पूर्वजों के समय से एक रास्ता संचालित है। ग्रामीणों के अनुसार, यह रास्ता बंजर भूमि से होकर गुजरता है। आरोप है कि कुछ लोग रास्ते को अपनी निजी भूमि बताकर आवागमन बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में रास्ते पर जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार बच्चे रास्ते में फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।
पुराने नक्शे के आधार पर पैमाइश की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से पुराने राजस्व नक्शे के आधार पर रास्ते की पैमाइश और ग्राम समाज की भूमि की निशानदेही कराने की मांग की है। साथ ही, यदि रास्ते पर अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटवाकर आवागमन बहाल कराने तथा रास्ते पर खड़ंजा निर्माण कराने की मांग की गई है।
डीएम ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश
सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायत सामने आने के बाद जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने संबंधित राजस्व एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर भूमि और रास्ते की पैमाइश कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को ग्राम समाज की भूमि की स्थिति स्पष्ट करने तथा अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
ग्रामीणों को कार्रवाई का इंतजार
प्रशासन के निर्देश के बाद ग्रामीणों में वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद बढ़ी है। शिकायतकर्ताओं गुलाम मोहम्मद, रामधारी, अंगद, बाबूराम, जनकधारी, छोटेलाल, मनदीप कुमार, सुरेश और पूजा का कहना है कि यदि रास्ते की पैमाइश कराकर समस्या का स्थायी समाधान कराया जाता है तो गांव के लोगों और स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी।

अब ग्रामीणों की नजर राजस्व टीम की मौके पर होने वाली पैमाइश और आगे की कार्रवाई पर टिकी है। पैमाइश के बाद भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने पर नियमानुसार रास्ते के निर्माण एवं अन्य कार्रवाई की जाएगी।
