HomeUncategorizedगोसदन को पर्यटन केंद्र के रूप में करें विकसित

गोसदन को पर्यटन केंद्र के रूप में करें विकसित

- Advertisement -

महराजगंज। जनपद में गोवंशों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के उद्देश्य से उपाध्यक्ष गोसेवा आयोग अतुल सिंह ने  कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। कहा कि गोसदन को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
उन्होंने गोसदन को स्वावलंबी बनाए जाने के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। गौआश्रय स्थलों में मोरंगा आदि पौष्टिक आहार वाले वृक्षों के रोपण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण पुनीत कार्य है। इसलिए गोशालाओं में संवेदनशील कार्मिकों को नियुक्त करें।स्वयं सहायता समूहों को और अधिक सक्रिय करने का निर्देश दिया। गौकाष्ठ के उत्पादन को व्यवस्थित करने के साथ गोबर के गमले आदि उत्पादों को शुरू करने का भी निर्देश दिया।
उपाध्यक्ष ने कहा कि जिन गौशालाओं में नंदी और गायों को पृथक रखने का निर्देश दिया। गौशालाओं में नस्ल सुधार को प्रमुखता के साथ संचालित करें। उन्होंने सभी गौशालाओं में बीमार गोवंशों के लिए पृथक कक्ष की व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि उपाध्यक्ष के निर्देशानुसार गौ आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभिन्न गो उत्पादों जैसे—गौमूत्र, गोबर आधारित दीये, खाद एवं अन्य उत्पादों के निर्माण एवं विक्रय की व्यवस्था जिला प्रशासन सुनिश्चित करेगा।
इससे पहले उपाध्यक्ष ने श्री कृष्ण गोशाला सिसवा बाजार और गोसदन मधवलिया का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोसदन में गोवंश के संरक्षण और संवर्द्धन को लेकर जरूरी निर्देश दिया। बीमार गोवंशो के रख–रखाव व देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा। कहा कि गोसदन परिसर में चारा उत्पादन के माध्यम से पशुओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएं।
—————–
जिले में 2284 गोवंश संरक्षित
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 31 गौशालाओं में 2284 गोवंश संरक्षित हैं। गोसदन मधवलिया में 740, अस्थाई गोआश्रय स्थल में 748, व कान्हा हाउस में कुल 266 और कांजी हाउस में 192 गोवंश संरक्षित हैं। विभिन्न ब्लॉकों और निकायों में निराश्रित गोवंश को पकड़ने के लिए छह कैटल कैचर हैं।
—————–
बैठक में यह रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, सीवीओ डॉ. एजाज अहमद डीडीओ बीएन. कन्नौजिया, डीसी एनआरएलएम मो. जाकिर, परियोजना निदेशक राम दरश चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

- Advertisement -
RELATED ARTICLES

Analytics of Hind Morcha

011531
Views Today : 8
Views Yesterday : 96
Views This Month : 1709
Total views : 23386
- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -