न्यायाधीश दिग विनय सिंह की अध्यक्षता वाली विशेष सीबीआई अदालत ने वीजा मंजूरी में कथित रिश्वतखोरी से जुड़े आपराधिक साजिश सहित आरोपों पर आरोपियों के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार पाया। मूल आठ आरोपियों में से एक चेतन श्रीवास्तव को इस स्तर पर सबूतों की कमी के कारण मामले से बरी कर दिया गया था।
यह मामला अक्टूबर 2024 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर एक आरोप पत्र से उपजा है। एजेंसी का आरोप है कि चिदंबरम और अन्य ने अवैध लाभ के बदले में एक बिजली परियोजना पर काम करने वाले चीनी नागरिकों के लिए अनुचित वीजा मंजूरी की सुविधा प्रदान की। अभियोजकों का कहना है कि आरोपी ने “प्रोजेक्ट वीजा” की सीमा को दरकिनार करने की साजिश रची और इस प्रक्रिया में ₹50 लाख की रिश्वत प्राप्त की।
