टांडा (अंबेडकरनगर). पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन चाहे जितने दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। ताज़ा मामला थाना इब्राहिमपुर क्षेत्र के इल्तिफ़ातगंज का है, जहां स्थानीय पत्रकार अशफाक अहमद पर दबंगों ने हमला कर बुरी तरह पिटाई कर दी।
जानकारी के मुताबिक, अशफाक अहमद पुत्र मेराज अहमद, निवासी सरदार पटेल नगर इल्तिफ़ातगंज एक हिन्दी दैनिक अख़बार के फोटोग्राफ़र हैं। बीते 2 अक्टूबर की शाम वह दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का कवरेज कर रहे थे, तभी आज़ादनगर बैरमपुर निवासी शिवम अग्रहरि पुत्र दिनेश अग्रहरि ने उनका मोबाइल छीन लिया। इसी दौरान अंश पाण्डेय पुत्र वीरेंद्र पाण्डेय समेत दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर पत्रकार को गाली-गलौज करते हुए बेल्ट व लात-घूंसों से पीट दिया।
मारपीट में पत्रकार का नेकबैंड (ब्लूटूथ) टूट गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मोबाइल तो वापस मिल गया, लेकिन दबंगों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित पत्रकार ने बताया कि आरोपी अपराधी किस्म के लोग हैं, जिनके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इनकी दहशत इतनी है कि कोई इनके खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत नहीं करता। पत्रकार जब रात में तहरीर देने निकले तो देखा कि दबंग लाठी-डंडों से लैस होकर कब्रिस्तान के पास टहल रहे थे, जिससे वे डर के कारण रात में रिपोर्ट नहीं दे सके।अगले दिन जब वह हिम्मत जुटाकर थाना इब्राहिमपुर पहुंचे और प्रार्थना पत्र दिया, तो पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ है कि पुलिस दबंगों के सामने पूरी तरह नतमस्तक नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पत्रकार पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में व्याप्त दबंगई पर तत्काल अंकुश लगाया जाए।
