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*कार्यवाही के नाम पर ढाक के तीन पात साबित हो रही है नगर पालिका टांडा में लाखों रूपए के शीशम के पेड़ की चोरी*
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*आरोपियों ने खुद वादी बनकर दर्ज कराया मुकदमा*
टांडा (अंबेडकरनगर)। नगर पालिका परिषद टांडा में पर्यावरण संरक्षण के दावों की पोल उस वक्त खुल गई जब नलकूप परिसर, मोहल्ला सकरावल पूरब में खड़े लाखों रुपए के दो शीशम के हरे-भरे पेड़ को नगर पालिका के अधिकारी की शय पर चोरी कर बेच दिया गया। चोरी का मामला सामने आने पर पूरे नगर पालिका में हड़कंप मच गया और चोरी की इस घटना में शामिल लोगों के हाथ पांव फूल गए और आनन फानन में पेड़ चोरों को शय देने वाले जलकल अभियंता ने उपजिलाधिकारी के दबाव में घटना के लगभग 15 दिन बाद अपने ही एक ठेके के फर्जी कर्मचारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया गया जबकि उक्त मामले में सभासदों ने जलकल अभियंता आशीष चौहान की मिली भगत से चोरी का आरोप लगाया है।
नगर पालिका परिषद टांडा के सकरावल नलकूप पर दो शीशम के हरे भरे पेड़ थे जिनकी कीमत लाखों रुपए की आंकी जा रही है। उक्त शीशम के पेड़ को दिनांक 12/13 अगस्त की रात्रि में जलकल अभियंता आशीष चौहान व पालिकाध्यक्ष की मिली भगत से चोरी करा कर बेच दिया गया। और पेड़ बेचकर आये धन का बंदरबांट कर लिया गया।
घटना के लगभग 10 दिन बाद चोरी की घटना का खुलासा कुछ समाचार पत्रों ने जब किया तो घटना में शामिल लोगों के हाथ पांव फूल गए। और आनन फानन में कुछ लोग लकड़ियो का बोटा ट्रैक्टर पर लादकर लाकर नगर पालिका में गिराकर भाग गए। और उन्हें लगा कि अब मामला ठंडा हो जायेगा लेकिन प्रभारी अधिशाषी अधिकारी उपजिलाधिकारी के सख्त तेवर की वजह से घटना के शामिल आरोपी द्वारा ही अपने ही एक ठेका कर्मचारी जो नगर पालिका में इनके द्वारा ही फर्जी रखा गया था जिसके पिता का नाम भी जलकल अभियंता आशीष चौहान को नहीं मालूम उस शबी हैदर पुत्र अज्ञात के खिलाफ पेड़ चोरी का मुकदमा कोतवाली टांडा में लिखा दिया गया और वह अबतक पुलिस पकड़ से भी दूर है ।
ऐसे में नगर पालिका के सभासदों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पेड़ चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए जिससे कि दुबारा इस तरह की घटना न घट सके और इस तरह से जितने भी फर्जी लोग नगर पालिका में सफाई कर्मी के नाम पर लगाये गए है उनकी भी जाँच की जाये।
