अंबेडकर नगर। ईसाई समुदाय का प्रमुख पर्व क्रिसमस सेंट पीटर्स चर्च में परंपरागत श्रद्धा, आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व पल्ली पुरोहित फादर फ्रेडरिक एवं सहायक पल्ली पुरोहित फादर बैप्टिस्ट डिसूजा की देखरेख में मध्यरात्रि को संपन्न हुआ। आज से लगभग 2024 वर्ष पहले इस धरती पर प्रभु ईसा मसीह बालक रूप में बेथलहम नगर के एक गरीब बढ़ई यहूदी परिवार के गौशाले में जन्म लेकर दीन दुखियों पीड़ितों के मसीहा बनकर समाज को एक नई रोशनी दिखाई|
उन्होंने निस्वार्थ प्रेम और क्षमा दया को ही धर्म का सार और इंसान को उसका केंद्र बिंदु माना| या त्योहार ईसाई धर्म के संस्थापक प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव पर प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को मनाया जाता है इसे क्रिसमस डे व बड़ा दिन भी कहा जाता है| क्रिसमस पर्व को लेकर सेंट पीटर्स चर्च व विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।रंग-बिरंगी लाइटों, क्रिसमस ट्री एवं आकर्षक सजावट से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। कार्यक्रम की शुरुआत मध्यरात्रि में पारंपरिक कैरोल सॉन्ग से की गई, जिसमें गायक मंडली द्वारा प्रभु यीशु के जन्म का संदेश गीतों के माध्यम से दिया गया।
इसके पश्चात बालक यीशु का चुंबन संस्कार किया जाएगा, जो ईसाई धर्म में प्रेम, करुणा और शांति का प्रतीक माना जाता है। इसके बाद केक कटिंग कार्यक्रम तथा उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। धार्मिक परंपराओं के अनुसार इस अवसर पर पवित्र मिस्सा बलिदान भी अर्पित किया जाएगा।पल्ली पुरोहितों फादर फैड्रिक ने बताया कि क्रिसमस पर्व मानवता को प्रेम, भाईचारे, सेवा और शांति का संदेश देता है। पर्व को लेकर ईसाई समाज सहित क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल हुए| सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य फादर बैप्टिस्ट डिसूजा ने समस्त नगर वासियों को क्रिसमस पर्व व नए वर्ष की बधाई देते हुए विद्यालय परिवार द्वारा 25 दिसंबर को दोपहर 11:00 से आयोजित क्रिसमस मेले में सभी का आवाहन किया है|
