एमडीआर शुल्क को बताया व्यापार विरोधी, बोले छोटे दुकानदार और ग्राहक होंगे परेशान

जलालपुर, अंबेडकरनगर। ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने जलालपुर नगर में पैदल मार्च निकाला। मार्च के बाद व्यापारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार उत्कर्ष सिंह को सौंपते हुए प्रस्तावित शुल्क वापस लेने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि UPI भुगतान मौजूदा समय में व्यापारिक लेनदेन और डिजिटल अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में MDR शुल्क लागू होने से विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।

व्यापारियों ने आशंका जताई कि शुल्क लागू होने की स्थिति में ग्राहक और व्यापारी दोनों नकद भुगतान को प्राथमिकता दे सकते हैं। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयासों पर असर पड़ने की संभावना है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि शुल्क से बचने के लिए बड़े भुगतान को छोटे-छोटे हिस्सों में करने या ग्राहकों से नकद भुगतान लेने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। उनका कहना है कि इससे डिजिटल लेनदेन की सरल और सुविधाजनक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
व्यापारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने और ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR शुल्क वापस लेने की मांग की।

पैदल मार्च और ज्ञापन सौंपने के दौरान व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष आनंद जायसवाल के अलावा आकाश, आदित्य, प्रकाश मौर्य, नंदकुमार, सुभाष चंद्र, शशि गौर, धर्मेंद्र कुमार, विकास निषाद, सोनू गौड़, राजेश समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
