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किछौछा न.पं में अराजक तत्वों ने तीन फर्जी अवैध मजार व दुकाने बनाकर करोड़ों का श्रद्धालुओं से कर रहे वसूली, प्रशासन मौन

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  • 👉षड्यंत्र के तहत फर्जी ढंग से तीन अवैध मजारों को बनाने वाला गैंग कौन?

  • 👉मजार और दुकानें बनाकर करोड़ की वसूली करने वाला दहशतगर्द कौन?

  • 👉आखिर कौन सा गैंग है जिसने सरकारी संपत्तियों पर अवैध मजारे व दुकानें बनाकर करोड़ की कमाई कर रहा

  • 👉डंके की चोट पर सवाल प्रशासन भी है कि आखिरकार एसडीएम टांडा और जिलाधिकारी मौन क्यों?

टांडा, अंबेडकर नगर।एक तरफ जहां पूरे देश में अवैध ढांचों को नाश्ते नाबूत किया जा रहा है लगातार बुलडोजर की कार्रवाई हो रही है हर जगह सरकारी संपत्तियों को चिन्हित किया जा रहा है और उस पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर सुरक्षित किया जा रहा है ऐसे में सवाल है पूरे देश ही नहीं दुनिया में मशहूर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का बुलडोजर करवाई जिसकी तूती सारे जमाने में बोल रही है ऐसे में अंबेडकर नगर जनपद की धरती पर स्थित नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के रसूलपुर दरगाह में इतने बड़े पैमाने पर अराजक तत्वों द्वारा गोल बंद होकर अवैध ढंग से सरकारी भूमि पर तीन नकली/अवैध मजारें बनाकर श्रद्धालुओं को बेवकूफ बनाकर जबरन चढ़ावा चढ़वाते हैं और अवैध दुकानों को बनाकर किराए पर देकर लाखों/करोड़ों रुपए की अवैध वसूली करने वाला गैंग आज तक कैसे शासन और प्रशासन के नजरों से ओझल होता आ रहा है आखिरकार एसडीएम टांडा और जिलाधिकारी को इतना बड़ा षड्यंत्र करोड़ों के खेल पर नजर क्यों नहीं पड़ रही। क्यों नहीं सरकारी संपत्तियों को संरक्षित किया जा रहा है

जनता को लगा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जीरो टॉलरेंस को जमीनी स्तर पर उतारकर बुलडोजर की दहाड़ से सरकारी संपत्तियों पर बने अवैध ढांचों को ध्वस्त कर रही है और जिहादियों,अराजक तत्वों, गुंडों बदमाशों व माफियाओं को नश्ते नाबूत कर रही है संपत्तियों जप्त कर रही है तो ऐसे में रसूलपुर दरगाह में सर्कसी गोलबंद अराजक तत्वों द्वारा बनाए गए तीन अवैध फर्जी मजारें और दुकाने जो कि बंजर भूमि खाता संख्या 00671 व गाटा संख्या 813 मि.रकबा 3.4390 हे.व खलिहान भूमि खाता संख्या 00680 व गाटा संख्या 813 मि.0.0890 हे. स्थित ग्राम रसूलपुर दरगाह नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा परगना बिडहर तहसील टांडा की भूमि पर आखिरकार वह कौन सा गैंग है.

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जिसे न ही शासन की परवाह न प्रशासन की परवाह और बना डाला अवैध फर्जी मजारें है और दुकानें जिससे दरगाह मैं स्थित सै.मखदूम बाबा के मजार पर आने वाले श्रद्धालुओं से लाखों-करोड़ों रुपए की अवैध वसूली की जा रही है। सवाल है इस गैंग में कितने लोग हैं? इनका सरगना कौन है? इन्हें संरक्षण कहां से मिलता है?किसकी पनाह में यह फल फूल रहे हैं? जिन्हें तनिक भी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कानून व्यवस्था व संवैधानिक नियमों का कोई परवाह नहीं है और इतना भारी भरकम अवैध वसूली से आने वाले लाखों-करोड़ों रुपए की रकम किसकी जेब में जा रहा है और इसका इस्तेमाल कहां हो रहा है .

यह सवाल नगर के एक-एक व्यक्तियों के दिमाग को वर्षों से कौंध रहा है और इस भरोसे पर है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का बुलडोजर इन तक जरूर पहुंचेगी और इन अवैध निर्माणों को जमीदोज/ मिट्टी में मिला देगी करेगा किंतु न ही बुलडोजर पहुंचा और ना ही प्रशासन पहुंची तो जनता का सवाल डंके की चोट पर है कि आखिरकार एसडीएम टांडा को आज तक सरकारी भूमि पर हुए अवैध तरीके से बने नकली/फर्जी मजारों और दुकानों पर नजर क्यों नहीं गई इसकी जानकारी शासन को क्यों नहीं दिया गया। सवाल सीधा-सीधा अंबेडकर नगर जिलाधिकारी से भी जनता पूछ रही है कि आखिर इस गैंग को अराजक तत्वों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है कौन है इनका आका और कौन इन्हें फूलने के लिए इनके मनोबल को बढ़ाने का काम कर रहा है? किसकी कर परस्ती में यह सारा खेल चल रहा है?

यह तो अभी नमूना मात्र है इससे भी बड़े-बड़े कारनामे इस नगर पंचायत के अंदर वर्षों से चल रहा है लेकिन न ही प्रशासन की नजरे और ना ही शासन की नजरे इस पर पड रही हैं।दो बार उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बावजूद भी इनका बाल न बांका हो सका जिससे आहत होकर नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा निवासी सदरे आलम पुत्र सदरूद्दीन व सैयद नूरुद्दीन अशरफ उर्फ अद्दू मियां पुत्र स्व.इनामुद्दीन अशरफ निवासी ग्राम मियां टोला बसखारी के द्वारा कड़ी आपत्ति/आरोप दर्ज कराते हुए जिलाधिकारी अंबेडकर नगर,उपजिलाधिकारी टांडा, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा को लिखित रूप से शिकायत करते हुए लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच कराकर इन गोलबंद सर्कसी अराजक तत्वों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई और सरकारी भूमि पर बने अवैध नकली मजारों व दुकानों को ध्वस्त करने एवं लाखों करोड़ों की अवैध वसूली को रोकने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं ने बताया कि सै.मखदूम बाबा के पवित्र स्थली पर दर्शन/जियारत के लिए आने वाले श्रद्धालुओं/जारिनों को गलत जानकारी देकर मजारों पर चढ़ावा चढ़वाया जाता है अवैध ढंग से उनसे पैसा वसूला जाता है और अस्थाई रूप से दुकानें बनाकर किराए पर देकर अवैध वसूली को रोकने की मांग की है। शिकायती पत्र में गाटा संख्या रखवा के साथ स्पष्ट किया गया है कि उक्त भूमि सरकारी कागजात में बंजर भूमि और खलियान के रूप में दर्ज है जो कि नगर पंचायत के अंतर्गत आता है। अब जनता देखना चाहती है कि जिला प्रशासन और उप जिलाधिकारी टांडा क्या उत्तर प्रदेश सरकार की मनसा पर खरा उतरेंगे जीरो टॉलरेंस नीति को अपनाएंगे या फिर ढाक के तीन पात रह जाएंगे यह कडी परीक्षा जिला प्रशासन और शासन दोनों की है क्योंकि यहां जनता का विश्वास और भरोसा जुड़ा हुआ है।

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