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नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा क्षेत्र के भूमाफियाओं को चेयरमैन की चेतावनी
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लाख कर लो षड्यंत्र की कोशिशे एक बाल भी बाका नही होगा
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सरकारी जमीनों पर लहराई बिल्डिंग और खाई खूब मलाई अब बचा कर दिखाओ
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ये भूमाफिया शायद भूल गए थे कि यह उत्तर प्रदेश की योगी सरकार है
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कुर्सी की मोह नहीं, पद रहे या न रहे जनता सेवक बनकर काम करते रहेंगे: ओमकार गुप्ता
टांडा, अंबेडकर नगर।नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में चल रहे विवादों के सिलसिले का आखिरकार समाधान निकल ही गया जो यह दर्शाता है कि सच कितना ही परेशान क्यों ना हो किंतु परास्त नही हो सकता और जीत सदैव सच की ही होती है।
नगर किछौछा चेयरमैन ओमकार गुप्ता ने किछौछा नगर में भारतीय जनता पार्टी का परचम लहरा कर विजय श्री विजय पताका लहराया और फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में नियमों और कानूनों का पालन करते हुए सरकार के उद्देश्यों को अमल में लाते हुए बड़ी ही सक्रियता और ईमानदारी के साथ नगर में विकास कार्य का तूफानी दौर शुरू किया और यूपी सरकार के जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए आगे बढ़ते रहे तो भू-माफियाओं के पैरों तले जमीन हिलने लगी।
मानो कि कोई सुनामी आ गया हो फिर क्या था इन भू-माफियाओं,भ्रष्टाचारियों और षड्यंत्रकारियों की एक बड़ी जमात संगठित होकर षड्यंत्र के पथ चलना शुरू कर दिया हर स्तर से गुजरने को आतुर होते हुए अपने घटिया चरित्र की प्रकाष्ठा को पार करने की जद्दोजहद शुरू कर दिया। भू माफियाओं को लगा था कि चेयरमैन ओमकार गुप्ता को चेयरमैन की कुर्सी से उखाड़ फेंक देंगे लेकिन शायद भूल गए थे कि उत्तर प्रदेश मे योगी सरकार है जिनका सीधा-सीधा स्पष्ट रूप से डंके की चोट पर नारा है ना खाऊंगा ना खाने दूंगा।
पूर्व की सरकारों मे जिस तरह इन भ्रष्टाचारियों भू-माफियाओं का सिक्का चलता था और जैसे चाहते वैसे सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा कर लिया करते थे शायद यह मानसिकता गई नहीं थी और उसी मानसिकता से वर्तमान की सरकार को भी समझ रखा था और उसा मानसिकता से मापनी लगे लेकिन नगर किछौछा के यह युवा जोशीले तूफानी चेयरमैन ओमकार गुप्ता का जो प्रण था की पद की लालसा नहीं सेवा का अवसर चाहिए और उसे सेवा को करते हुए आगे बढ़ रहे थे।
लेकिन कहते हैं सच के कार्यों में बाधा पहुंचाने वाले अक्सर आ ही जाते हैं लेकिन सच कभी न डरता है ना झुकता है ना हारता है परेशान बेशक कुछ समय के लिए हो सकता है और यह चरितार्थ करके दिखाया है चेयरमैन ने। पहले वित्तीय पावर फिर प्रशासनिक पावर पर हमला हुआ फिर चुनाव निरस्त का आदेश होते ही विपक्षी घमंड की मद मे चूर हो गए उन्हें लगा की बड़ी जीत हो गई।
चुनाव निरस्त करने का आदेश 15 नवंबर 25 को अपार सत्र न्यायाधीश प्रथम पारविंद कुमार ने नामांकन के दौरान दाखिल किए गए शपथ पत्र में आपराधिक मामलों की जानकारी न देने पर किया था। के उपरांत नगर पंचायत का संचालन सुचार रूप से हो सके के लिए प्रशासक की नियुक्ति भी कर दी गई थी और इस कार्रवाई के बाद षड्यंत्रकारियों व विपक्षियों में जश्न का माहौल चल रहा था लेकिन रंग मे भंग तब पड गया जब चेयरमैन ओमकार गुप्ता ने हाई कोर्ट में अपनी अर्जी को दाखिल की जिसमें उन्होंने अपनी तरफ से चुनौती देने वाली अर्जी दायर किया
इस बीच काफी उठक-पठक और संघर्षों का दौर भी चलता रहा और चर्चाओं का बाजार गर्म रहा जबकि वहीं चेयरमैन हमेशा इस बात का दावा करते रहे सच परेशान हो सकता है हार नहीं सकता “ना खाऊंगा ना खाने दूंगा” देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में कार्य करते रहेंगे।
भ्रष्टाचारियों,षड्यंत्रकारियों और भूमाफियाओं के खिलाफ मेरी आवाज बुलंद थी बुलंद है बुलंद रहेगी क्योंकि मुझे महादेव के त्रिशूल पर पूर्ण विश्वास है और नगरवासियों के बीच संबंध स्थापित करने का सिलसिला जारी रहा। अध्यक्ष ने अपने सोशल हैंडल पर लैंड जिहादियों के कारनामों को भी उजागर करते आ रहे हैं अपने एक पोस्ट में कहा कि लैंड जिहादियों ने हाई कोर्ट के बाद अब बंजर भूमि पर स्टे के लिए जिला न्यायालय में अवैध कोशिश शुरू कर दिया है।
जिसका जवाब बखूबी दिया जाएगा और लैंड जिहादियों को खुला चैलेंज किया है कि एक-एक इंच जमीन वापस लेंगे
चेयरमैन अपने सोशल मीडिया के जरिए कब्जा किए गए सरकारी भूमि, तालाब, बंजर भूमि के गाटा संख्या को खुले तौर पर बताते आ रहे हैं और जिलाधिकारी से भी गुहार लगाते हुए नजर आ रहे हैं अब इन गाटा संख्याओं की सच्चाई क्या है? क्या जिलाधिकारी इस पर सख्त अपनाते हुए इन गट संख्याओं की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करेंगे। इसी दौरान चेयरमैन को कानून से बड़ी राहत मिल गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतिरिक्त जिला जज एडीजे कोर्ट द्वारा उनके चुनाव को निरस्त करने के आदेश को खारिज कर दिया। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए प्रशासक के आदेश पर भी अदालत ने रोक लगा दी इसके बाद पूरा दृश्य ही बदल गया और जनता में आवाज गूंजने लगी कि सच्चाई की राह पर चलने वाले की सदा ही विजय होता है किंतु अब भूमाफियाओं,भ्रष्टाचार्यों की लंका लग चुकी है मानो कि उनके पैरों तले जमीन खिसक चुकी हो।
सरकारी संपत्तियों अवैध कब्जा कर बिल्डिंग लहरा कर मलाई खाने वालों सिंहासन डगमगाने लगा हो। हौसले पस्स होते नजर आ रहे हैं उत्तर प्रदेश सरकार एक-एक इंच सरकारी जमीनों को वापस लेगी यह सरकार का खुला आदेश है। चेयरमैन पूर्व की भांति नगर किछौछा के अध्यक्ष पद पर आसीन रहेंगे जनता में इस बात की जनता खुशियों का इजहार करते हुए लोग नजर आ रहे हैं कौतूहल है किछौछा का भाग्य और तस्वीर दोनों बदलने वाला है अब माफियाओं की खैर नहीं है।
