भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा सहयोग की कमी को गंभीरता से लेने को कहा।
पीठ ने चुनाव आयोग (ईसी) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी से कहा, “सहयोग की कमी, बीएलओ के काम में बाधा के मामले हमारे संज्ञान में लायें और हम उचित आदेश पारित करेंगे।”
द्विवेदी ने कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है, तो चुनाव आयोग के पास राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाली पुलिस को अपनी प्रतिनियुक्ति के तहत लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।
न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने तक चुनाव आयोग पुलिस को अपने अधिकार क्षेत्र में नहीं ले सकता।
द्विवेदी ने कहा कि चुनाव आयोग के पास बीएलओ और एसआईआर कार्य में लगे अन्य अधिकारियों को धमकाए जाने की घटनाओं से निपटने के लिए सभी संवैधानिक शक्तियां हैं।
