जयशंकर की पोस्ट में लिखा था, ‘आज रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको से मिलकर अच्छा लगा। हमारे बहुआयामी द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। साथ ही महत्वपूर्ण क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय विकास पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’ 2000 में ‘भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी’ घोषणा के बाद, राजनीतिक, रक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध महत्वपूर्ण रूप से विकसित हुए हैं।
पिछले 75 वर्षों में, भारत-रूस संबंध लचीले और गतिशील साबित हुए हैं, जो पारंपरिक क्षेत्रों से परे सहयोग को व्यापक बनाते हुए एक बहुध्रुवीय दुनिया की वकालत करते हैं। हाल ही में, सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसके परिणामस्वरूप सहयोगात्मक सैन्य प्रगति के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार किया गया, जो दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी को रेखांकित करता है।
