अम्बेडकरनगर में रिश्ते को शर्मसार करने का आरोप, युवती से दुष्कर्म और वीडियो बनाकर शादी तुड़वाने का है मामला।
*पुलिस ने पहले नहीं दर्ज किया केस, न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज*
अम्बेडकर नगर। मालीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रिश्ते के चाचा पर युवती को नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो बनाने और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो उसकी शादी तय होने वाले परिवार तक भेज दिया, जिसके बाद शादी टूट गई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस द्वारा पहले मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने के बाद उसने न्यायालय की शरण ली। अब न्यायालय के आदेश पर मालीपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता द्वारा न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार घटना 30 मार्च 2026 की है। युवती का कहना है कि वह सुबह करीब 11 बजे धमरुआ बाजार दवा लेने जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में रिश्ते में चाचा लगने वाला आरोपी मिला और अपनी गाड़ी से उसे बाजार पहुंचाने की बात कही।
आरोप है कि आरोपी उसे रास्ते में एक चाय की दुकान पर ले गया, जहां समोसा और चटनी में कथित रूप से नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। इसके बाद युवती अर्धचेतन अवस्था में हो गई। आरोप है कि आरोपी उसे गाड़ी से कुछ दूरी पर स्थित सरसों के खेत में ले गया और विरोध के बावजूद उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान आरोपी पर अश्लील वीडियो बनाने का भी आरोप है।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने वीडियो वायरल करने तथा उसके पिता और भाई समेत परिवार के सदस्यों की हत्या करने की धमकी दी। इसी डर और लोकलाज के कारण उसने घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं बताई।
पीड़िता के अनुसार 22 अप्रैल 2026 को उसकी शादी एक गांव में तय हुई थी। 24 मई को सगाई समेत अन्य कार्यक्रम होने थे। आरोप है कि 13 मई की रात आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ट्यूबवेल पर बुलाया। भय के कारण युवती वहां पहुंची, जहां आरोपी ने उसका मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया।
आरोप है कि आरोपी ने युवती का अश्लील वीडियो उस परिवार तक भेज दिया, जहां उसकी शादी तय हुई थी। वीडियो सामने आने के बाद शादी टूट गई। पीड़िता के अनुसार 14 मई को उसके पिता ने आरोपी से इस संबंध में पूछताछ की तो उसने जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने पहले नहीं दर्ज किया मुकदमा
पीड़िता का कहना है कि उसने 15 मई 2026 को मालीपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस दौरान पुलिस द्वारा उसके बयान लिए जाने की बात भी प्रार्थना पत्र में कही गई है।
मुकदमा दर्ज नहीं होने पर पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद मालीपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब मामले में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में आरोपों की पुष्टि और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का सामने आना अभी बाकी है।

