जलालपुर, अंबेडकरनगर। ग्राम सभा बड़ागांव चौबे का पूरा में कई पीढ़ियों से ग्रामीणों के आवागमन में इस्तेमाल हो रहा रास्ता अब तक नहीं बन सका है। रास्ते की बदहाल स्थिति का खामियाजा ग्रामीणों को रोजाना भुगतना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के मौसम में होती है। कीचड़ और जलभराव के कारण रास्ते से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है।

बुजुर्ग राजकरन के अनुसार यह रास्ता गांव के लोगों के लिए जलालपुर आने-जाने का प्रमुख मार्ग है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे स्कूल जाते हैं, जबकि मरीज, बुजुर्ग और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल करते हैं। रास्ते की स्थिति खराब होने के कारण बारिश के दिनों में बच्चों और बुजुर्गों के फिसलकर गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं, किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे उपचार के लिए जलालपुर ले जाना भी चुनौती बन जाता है।
पंचायत सदस्य अनिरुद्ध कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि सामान्य स्थिति में इस रास्ते से करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय कर जलालपुर पहुंचा जा सकता है, लेकिन कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्ग से जाना पड़ता है। इससे दूरी बढ़कर करीब छह किलोमीटर हो जाती है। खासकर मरीजों को अस्पताल ले जाते समय अतिरिक्त दूरी तय करने से परेशानी बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
ग्रामीण गोलू पंडित ने बताया कि रास्ते के निर्माण को लेकर कई बार प्रयास किए गए, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका। ग्रामीणों के मुताबिक रास्ते के आसपास ग्राम समाज की जमीन भी मौजूद है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन राजस्व अभिलेखों की जांच कर मौके की स्थिति का सत्यापन कराए और नियमानुसार भूमि का समायोजन किया जाए तो आवागमन के लिए रास्ता निकाला जा सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर नियमानुसार रास्ते का निर्माण कराने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उनका कहना है कि रास्ता बनने से गांव के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर बारिश के दिनों में स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को होने वाली परेशानी कम हो सकेगी।
