पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने इस सप्ताह की शुरुआत में इस्लामाबाद जिला न्यायिक परिसर के बाहर आत्मघाती बम विस्फोट के सिलसिले में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को हुए इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए।
ये गिरफ़्तारियाँ इंटेलिजेंस ब्यूरो डिवीजन और आतंकवाद-रोधी विभाग (सीटीडी) के संयुक्त अभियान के माध्यम से की गईं। गिरफ्तार आतंकवादियों में से एक साजिदुल्ला उर्फ शीना ने कबूल किया कि हमले की साजिश टीटीपी कमांडर सईदुर रहमान उर्फ दादुल्ला ने रची थी, जिसने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अधिकतम हताहतों के साथ आत्मघाती बम विस्फोट की योजना बनाने के लिए टेलीग्राम ऐप के माध्यम से संचार किया था।
आत्मघाती हमलावर की पहचान नंगरहार प्रांत के एक अफगान नागरिक के रूप में की गई, जो अफगानिस्तान से पाकिस्तान में दाखिल हुआ और इस्लामाबाद में आतंकवादियों ने उसकी सहायता की।
इस्तेमाल किया गया विस्फोटक जैकेट दादुल्ला के निर्देशों के तहत पेशावर शहर से मंगवाया गया था।
आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने खुलासा किया कि हमले पाकिस्तान की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को उजागर करते हैं और अफगान क्षेत्र से कथित समर्थन से संचालित आतंकवादी समूहों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों पर प्रकाश डालते हैं।
सरकार ने और अधिक गिरफ्तारियों की उम्मीद के साथ जांच जारी रखी है। टीटीपी ने जिम्मेदारी ली, पाकिस्तान की न्यायिक प्रणाली से जुड़े अधिकारियों को निशाना बनाया और शरिया कानून का पालन होने तक हमले जारी रखने की चेतावनी दी।
