अध्यक्ष पद पर वीरेंद्र बहादुर सिंह, मंत्री पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने भरा पर्चा; 11 सितंबर को होगा मतदान
जलालपुर, अंबेडकर नगर। आम चुनाव को लेकर जलालपुर बार एसोसिएशन ने बिगुल बजा दिया है। चुनावी मैदान में उतरने के लिए प्रत्याशियों ने कमर कस ली है। सोमवार को नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न पदों के लिए कुल आठ प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र खरीदकर अपना पर्चा दाखिल किया। नामांकन शुरू होते ही कचहरी परिसर में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी 11 सितंबर को होने वाले चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

बार एसोसिएशन जलालपुर के 133 सदस्यीय सदन में अध्यक्ष पद के लिए वीरेंद्र बहादुर सिंह एडवोकेट ने नामांकन दाखिल किया। उपाध्यक्ष पद पर राम आसरे ने अपना पर्चा भरा। वहीं मंत्री पद के लिए मुलायम सिंह यादव, जगदीश चंद्र यादव और शिव पूजन यादव ने नामांकन दाखिल किया।
संयुक्त मंत्री पद के लिए चंद्र विजय राव, कोषाध्यक्ष पद के लिए यशोदा नंद मिश्र तथा ऑडिटर पद के लिए आसाराम यादव ने अपना नामांकन कराया।
नामांकन के साथ शुरू हुआ जनसंपर्क
नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही चुनावी माहौल भी गरमाने लगा है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में लगे हैं। प्रत्याशी अधिवक्ताओं से मुलाकात कर अपनी जीत के लिए वोट और समर्थन की अपील करते नजर आए।
वहीं अधिकांश अधिवक्ता फिलहाल किसी प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर सामने आने के बजाय सभी प्रत्याशियों को समर्थन का भरोसा देते दिखाई दिए। ऐसे में प्रत्याशियों के बीच अपने पक्ष में माहौल बनाने की होड़ लगी है और चुनावी मुकाबला दिलचस्प होता नजर आ रहा है।
दो सितंबर के बाद साफ होगी चुनाव की तस्वीर
नामांकन प्रक्रिया दो सितंबर तक चलेगी। नामांकन के अंतिम दिन पर्चे दाखिल होने के बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों की अंतिम सूची सामने आएगी। इसी के साथ यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि विभिन्न पदों पर कितने प्रत्याशी आमने-सामने हैं और किन पदों पर सीधा मुकाबला होगा।
चुनाव अधिकारीद्वय राम आसरे चौरसिया एवं मुहम्मद इदरीस ने संयुक्त रूप से बताया कि निर्धारित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया कराई जा रही है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से चुनाव प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की।
नामांकन के पहले दिन ही चुनावी माहौल बनने के बाद अब सभी की निगाहें दो सितंबर को नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और उसके बाद बनने वाले चुनावी समीकरणों पर टिकी हैं।

