Uttar Pradesh

UP Election 2022: सपा नेता का वायरल वीड‍ियो, हमारे चौधरी का वहां कुछ बिगड़ा तो हम यहां बिगाड़ देंगे

मेरठ। चरम विरोध की राजनीति ने राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) को असहज कर दिया है। गठबंधन धर्म निभाने में वोट ट्रांसफर कराने को लेकर खड़ी हो रही अड़चन से रालोद के लिए स्थितियों को संभालना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

पहले बागपत, फिर सिवालखास में टिकट वितरण में पार्टी के अंदर का विरोध सड़क पर आया और अब शामली के एक सपा नेता के वायरल वीडियो ने परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि रालोद नेता गठबंधन के बीच के असंतोष को आपसी सहमति से सुलझा लेने की बात कर रहे हैं। शामली का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है।

इंटरनेट मीडिया पर चल रहे इस वीडियो में शामली में चुनाव प्रचार कर रहे रालोद प्रत्याशी को एक सपा नेता भीड़ के बीच खड़े होकर चेतावनी भरे लहजे में कहता हुआ सुनाई पड़ रहा है कि अगर कैराना में जाटों ने हमें वोट नहीं किया तो सदर में हमारी संख्या उनसे ज्यादा है। हम यहां अपनी ताकत दिखा देंगे। अब इस वीडियो के वायरल होने के बाद रालोद में खलबली मची हुई है।

यह वीडियो उस समय का है जब रालोद प्रत्याशी प्रसन्न चौधरी चुनाव प्रचार के लिए सपा समर्थकों के बीच पहुंचे। बीच में ही एक युवक खड़े होकर कहता है, ‘सिकंदरपुर और आसपास के गांवों में इन दिनों यह चर्चाएं हैं कि जाट समुदाय के लोग कह रहे हैं कि नल का सिंबल होता तो हम वोट कर देते। ये कौन-सी बात हुई।

हम क्या यहां कह रहे हैं कि सिंबल साइकिल का होता तो हम वोट कर देते।’ युवक अपने प्रवाह में है, प्रसन्न के समर्थक उसे रोकने का प्रयास करते हैं। प्रसन्न चौधरी भी कहते हैं, बैठकर इस विषय पर बात हो जाएगी लेकिन रोक-टोक के बीच युवक बात जारी रखता है। कहता है, ‘वहां (कैराना में) जाट 22-24 हजार हैं जबकि हम यहां (शामली में) 80-90 हजार।

अगर हमारे चौधरी (सपा प्रत्याशी नाहिद हसन) के साथ वहां काम खराब हुआ तो हमें यहां काम खराब करने में देर नहीं लगेगी।’ इस वीडियो के जरिए विरोध की बात पर जब रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष चौधरी यशवीर सिंह से पूछा गया तो वे बोले, नाहिद हसन के समर्थक का कुछ कहना या उनकी बयानबाजी करना पूरे समाज की सोच नहीं है। पूरा गठबंधन एक है।

गठबंधन की पार्टियों के समर्थक एक-दूसरे के साथ मिलकर प्रत्याशियों को जीत दिलाएंगे।दूसरी ओर, रालोद का झंडा लेकर भाजपा उम्मीदवारों का जगह-जगह विरोध और उनके काफिले पर पथराव भी रालोद को असहज कर रहा है। पार्टी के अंदर इस बात को लेकर मंथन भी हुआ और चुनावी माहौल में हिंसक विरोध न करने, रास्ता न रोकने की सलाह पार्टी पदाधिकारियों द्वारा कार्यकर्ताओं को दी जा रही है।

विरोध के बीच भाजपा अभी चुप है, लेकिन यह स्थितियां बढ़ीं तो टकराव बढ़ सकता है। दूसरा धड़ा यह भी मान रहा है कि विरोध और पथराव, काले झंडे दिखाने आदि से उपजी स्थिति में कहीं सहानुभूति का लाभ भाजपा को न मिल जाए। हालांकि इस तरह के विरोध पर जब स्टैंड लेने की बात आती है तो रालोद नेता समर्थकों को सही ठहराते हैं।

चौ. यशवीर सिंह कहते हैं, किसान आंदोलन का यह गुस्सा है। सात सौ किसानों की मौत की जिम्मेदार भाजपा का जनता विरोध कर रही है। रही बात पथराव या हिंसक विरोध की तो रालोद समर्थक शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं। हमले की बात बेबुनियाद है, झूठी है।

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