Friday, January 21, 2022
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प्रचंड बहुमत से जीतने वाली भाजपा को क्या सपा दे पाएगी टक्कर,जानें समीकरण

UP Vidhan Sabha Chunav: उत्तर प्रदेश का चुनावी महापर्व इस बार कई मायनो में बदला बदला सा दिखेगा। कोरोना संकट के चलते न केवल प्रचार के तौर तरीके बदले हुए होंगे, साथ ही अब दलों को अपनी रणनीति बदलनी होगी।

इस चुनावी महाभारत में पिछली बार प्रचंड बहुमत से जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी है जो अपने मोदी व योगी के नाम व काम पर चुनाव में जा रही है तो उसको टक्कर देने के लिए सामने कई दलों को साथ लेकर गठबंधन करने वाली सपा है। बसपा व कांग्रेस भी खासे सक्रिय हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री रहते पांच साल के काम को जनता परखेगी तो विपक्ष के नेताओं के आरोपों व दावों को जनता कसौटी पर कसेगी। इस मायने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती व कांग्रेस की खेवनहार प्रियंका गांधी की प्रतिष्ठा दांव पर है। इन सभी बड़े दलीय नेताओं के रणनीतिक कौशल के साथ साथ लोकप्रियता का भी इम्तहान होगा।

मौजूदा चुनावी परिदृश्य में भाजपा के मुकाबले विपक्ष बिखरा बिखरा सा है। तीनों प्रमुख विपक्षी दल अलग अलग लड़ रहे हैं। फिर भी फिलहाल भाजपा के खिलाफ सीधा मुकाबला बनाने को सपा भरसक कोशिश कर रही है लेकिन बसपा व कांग्रेस भी पूरा जोर बांधते हुए इस चुनावी दंगल को चतुष्कोणीय बनाने में जुटे हैं।

मुद्दे

सत्ता पक्ष के पास : विकास, लाखों लोगों को रोजगार, एक्सप्रेसवे, मेडिकल कालेज व विकास के छोटे बड़े प्रोजेक्ट , सांस्कृतिक राष्ट्रवाद , गो संरक्षण व हिन्दुत्व
विपक्ष के पास : महंगाई, बेरोजगारी, खराब कानून व्यवस्था, भेदभाव, महिला असुरक्षा

आजमगढ़ मंडल-

आजमगढ़ मंडल के तीन जिलों आजमगढ़, मऊ और बलिया में 21 सीटें हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में नौ भाजपा, छह सपा और छह बसपा को मिली थीं। नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी,बसपा विधानमंडल दल के नेता उमाशंकर, कैबिनेट मंत्री उपेंद्र तिवारी व आनंद स्वरूप शुक्ल यहीं से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

मिर्जापुर मंडल:

मिर्जापुर मंडल में 12 सीटें भाजपा को नौ, अपना दल को दो और निषाद पार्टी को एक सीट मिली थी। मिर्जापुर के मड़िहान विस क्षेत्र से चुनाव जीतने वाले रमाशंकर पटेल ऊर्जा राज्यमंत्री हैं। ओबरा से संजीव कुमार गोड़ राज्यमंत्री हैं।

मेरठ

मेरठ मंडल के छह जिलों में 28 में से 26 सीटों पर भाजपा की जीत हुई थी। एक सीट पर सपा, एक पर बसपा और एक पर रालोद ने जीत दर्ज की थी। बाद में रालोद के एकमात्र विधायक भी भाजपा में शामिल हो गए थे।

सहारनपुर मंडल

सहारनपुर मंडल के तीन जिलों में 16 सीटों में से 12 सीटों पर भाजपा की जीत हुई थी। दो सीटों पर सपा और दो पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। ———-
मेरठ व सहारनपुर मंडल के प्रमुख नेता डा.लक्ष्मीकांत वाजपेयी, गन्ना मंत्री सुरेश राणा, आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी, कौशल विकास राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल,पर्यावरण राज्य मंत्री अनिल शर्मा, कांग्रेस से इमरान मसूद।

प्रयागराज

तीन कैबिनेट मंत्रियों राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह , सिद्धार्थनाथ सिंह व नंद गोपाल नंदी समेत कई नेताओं की प्रतिष्ठा दांव है। 2017 के चुनाव में इस मंडल की 22 में से सर्वाधिक 13 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी जीते थे। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से चुनाव लड़ने की चर्चा भी काफी दिनों से चल रही है।

आगरा मंडल

आगरा मंडल में 23 में 18 पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है, जबकि चार सीटें समाजवादी पार्टी और एक बहुजन समाज पार्टी के पास है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ब्रज से पांच विधानसभा सदस्यों और एक एमएलसी को मंत्री बनाकर मंडल को पूरा महत्व दिया।

सियासी रसूख के हिसाब से मथुरा से ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और पशुपालन मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, आगरा से एमएसएमई राज्यमंत्री चौ. उदयभान सिंह, खाद्य प्रसंस्करण एवं नियोजन राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश और औद्योगिक विकास राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति के अलावा मैनपुरी से आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री हैं।

बरेली मंडल

बरेली मंडल में 25 में से 23 सीटें हैं भाजपा के पास हैं। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद, भाजपा के केंद्रीय कोषाध्यक्ष और पूर्व वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल। वर्ष 2017 में इनमें से 23 पर भाजपा और दो पर सपा के प्रत्याशी जीते थे। बरेली की सभी 9 विधानसभा सीटें भाजपा के पास हैं। शाहजहांपुर में छह विधानसभा सीटों में से पांच भाजपा और एक सपा जीती थी। पीलभीत में चार सीटें हैं, सभी भाजपा ने जीती थीं। बदायूं में कुल छह सीटों में से पांच भाजपा और एक सपा के पास हैं।

झांसी मंडल

झांसी मंडल में झांसी, ललितपुर और जालौन जिले हैं। यहां की सभी सीटें भाजपा जीती थी
चित्रकूटधाम मंडल
बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जिले शामिल हैं।
सभी सीटें भाजपा के पास हैं। बुंदेलखंड में चित्रकूट से विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय लोनिवि के राज्यमंत्री हैं।

वाराणसी मंडल

वाराणसी मंडल की कुल 28 सीटें में भाजपा के पास 16, सपा के पास छह, बसपा के पास एक, सुभासपा के पास तीन और अपना दल के पास दो सीट हैं। वाराणसी के शिवपुर से कैंबिनेट मंत्री अनिल राजभर, शहर दक्षिणी से राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी और शहर उत्तरी से राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल 2017 में चुनाव जीते। वहीं जौनपुर की सदर सीट पर राज्यमंत्री गिरीश यादव के सामने चुनौती होगी।

लखनऊ

लखनऊ की नौ विधान सभा सीटों पर भाजपा के पास आठ सीटें हैं। लखनऊ के तीन मंत्रियों में लखनऊ पूर्व से नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, लखनऊ मध्य सीट से कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक व सरोजनीनगर सीट से योगी सरकार में राज्य मंत्री स्वाति सिंह फिर से दावेदार हैं। ग्रामीण क्षेत्र में केंद्रीय राज्य आवास व शहरी विकास मंत्री कौशल किशोर की पत्नी जयादेवी मलिहाबाद सीट से दावेदार हैं।

समाजवादी पार्टी व कांग्रेस पार्टी की ओर से भावी उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि, सपा से इस बार लखनऊ मध्य से पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा व लखनऊ उत्तर सीट से पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्र दावेदार हैं। दोनों वर्ष 2017 के विस चुनाव में अपनी-अपनी सीटों पर विजयी भी रहे। इस चुनाव में 38.04 लाख मतदाता अपना वोट डालेंगे। पिछले विधान चुनाव से 2.30 लाख मतदाता बढ़े हैं।

कानपुर मंडल

कानपुर नगर की 10 सीटों में सात भाजपा के पास हैं। दो सीटें सीसामऊ और आर्यनगर सपा के पास हैं। कैंट सीट कांग्रेस के पास है।
kanpur से चुनाव लड़ने वाले बड़े नामों में मंत्री सतीश महाना व नीलिमा कटियार मंत्री हैं। इटावा की तीन में दो सीटों पर भाजपा और जसवंतनगर सीट पर सपा से शिवपाल यादव जीते थे। अब वह प्रसपा से लड़ेंगे।

कन्नौज में तीन में से दो पर भाजपा औा सदर सीट पर सपा काबिज है। इस बार कन्नौज में मुकाबला रोचक होगा। कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण वीआरएस लेकर कन्नौज से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। औरैया की तीनों सीटों पर पिछला चुनाव भाजपा ने जीता था। इसमें से औरैया सदर सीट रिक्त है। दिबियापुर से जीते लाखन सिंह कृषि राज्यमंत्री हैं।

गोरखपुर मंडल

गोरखपुर मंडल में विधानसभा की 28 सीटें हैं। इनमें से 23 सीटों पर मौजूदा समय में भाजपा का कब्जा है। गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है और इस पूरे अंचल में उनका प्रभाव है। वर्ष 2017 के चुनाव में गोरखपुर जिले की कुल नौ सीटों में से आठ भाजपा ने जीती थीं।

बस्ती मंडल बस्ती मंडल में विधानसभा की कुल 13 सीटें हैं। इनमें से 12 सीटें भाजपा और एक सहयोगी दल अपना दल (एस) ने जीती थी। बस्ती जिले की पांचों सीटों पर भाजपा काबिज है। बड़े चेहरों में हर्रैया से विधायक रहे पूर्व मंत्री और बसपा नेता राजकिशोर का नाम शुमार है। राजकिशोर बसपा और सपा दोनों सरकारों में मंत्री रह चुके हैं।

मुरादाबाद मंडल

मुरादाबाद मंडल के पांच जिलों मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा और संभल में इस बार भाजपा और सपा में सीधी जंग होगी। पिछले चुनाव में इन पांच जिलों की 27 सीटों में से भाजपा ने 14 और सपा ने 13 सीटें जीती थीं। रामपुर में सपा की कब्जे वाली स्वार सीट का निर्वाचन रद्द होने ने कारण वर्तमान में सपा के पास 12 सीटें हैं। कांग्रेस, बसपा व अन्य दलों के हिस्से में मंडल की एक भी सीट नहीं आई थी।

रामपुर से आजम खां की साख का इम्तिहान इस बार भी होगा। आजम के जेल से ही रामपुर सदर सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है। फिलहाल इस सीट से उनकी पत्नी विधायक हैं।

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