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मर्दानगी साबित करने का विचित्र तरीका, दुनिया की सबसे जहरीली चींटी से खुद को कटवाते हैं यहां के युवक!

दुनिया में कई देश हैं और उन देशों के लोगों की अलग-अलग मान्यताएं (Amazing Traditions of Countries) हैं, उनकी प्रथाएं हैं और अलग-अलग धर्मों को लोग मानते हैं. भारत की तरह ऐसे भी कई देश हैं जो ढेरों प्रजातियां, समुदाय, धर्म आदि के लोग रहते हैं और वे सब एक ही देश में रहते हुए अलग प्रथाओं (Weird Traditions of Tribes) का पालन करते हैं.

आज हम आपको एक ऐसी ही विचित्र प्रथा के बारे में बताने जा रहे हैं. एक ऐसी जनजाति है जिसमें मर्दानगी साबित करने के लिए युवक खुद को चींटी (Young Men Biten by Ants to Prove Masculinity) से कटवाते हैं.

अमेजन के जंगल (Amazon Forest) में एक जनजाति रहती है है जिसका नाम है सातियारे-मावे (Satere-Mawe Tribe of Amazon Forest). इस जनजाति के लोगों की अपनी कई विचित्र और अनोखी मान्यताएं (Weird Tradition of Amazon Forest Tribe) हैं जो सालों से चली आ रही हैं और आज भी वो उसका पालन करते हैं.

इन मान्यताओं में से एक है युवकों का मर्द बनने का संकेत. ये तय करने के लिए कि युवक मर्द बन गए हैं या नहीं, उन्हें एक कठोर परीक्षा देनी पड़ती है.क्या है ये परीक्षा?

यहां के लोगों की मान्यताओं के अनुसार युवकों को अगर अपनी मर्दानगी साबित करती है तो उन्हें दुनिया की सबसे जहरीली चींटी, बुलेट एंट (Bullet Ant) से खुद को लगातार कुछ मिनट तक कटवाना पड़ता है. हैरानी की बात ये है कि एक-दो नहीं, सैंकड़ों चींटियों से एक बार में युवकों को कटवाना पड़ता है.

मर्द को दर्द नहीं होता, या दर्द नहीं तो कुछ नहीं जैसी बातों को मानने वाली इस जनजाति के मर्दों को चींटियों से खुद को कटवाते हुए खास तरह का डांस करना पड़ता है.कैसे पूरी की जाती है प्रथा?

12 साल या उससे ज्यादा उम्र के बच्चों को खुद ही जंगल से बुलेट एंट जुटानी पड़ती है. इसके बाद उन्हें खुद से लकड़ी के दस्ताने बनाने पड़ते हैं जिसमें वो सारी चींटियों को डाल देते हैं. इसके बाद वो 10 मिनट के डांस के दौरान कम से कम 20 बार इन दस्तानों (Boys Wear Bullet Ant Gloves to Become Men) को अपने दोनों हाथों में पहनते हैं.

आपको बता दें कि मधुमक्खी के काटने से 30 गुना ज्यादा दर्द बुलेट एंट के काटने से होता है और उसमें काफी जहर भी होता है. इस प्रथा के जरिए युवकों को मर्द घोषित किया जाता है और उन्हें ये बताया जाता है कि इस दुनिया में दर्द के बिना कुछ भी नहीं है.

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