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आखिर घर के मुख्य द्वारा पर क्यों बनाया जाता है स्वास्तिक? जानिए वजह और इससे जुड़ा महत्व

Swastika on Entrance: हिंदू धर्म में स्वास्तिक का विशेष महत्व होता है और प्रत्येक शुभ काम (Jyotish Shastra) में स्वास्तिक अवश्य बनाया जाता है. घर में कोई भी नया सामान आता है तो उस भी स्वास्तिक बनाना शुभी माना गया है. (Swastika Sign) लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर घर के मुख्य द्वारा पर स्वास्तिक क्यों बनाया जाता है?

(Swastika Sign on Entrance) आइए जानते हैं इसके पीछे जुड़े महत्व और लाभ के बारेे में.Also Read – सावन के महीने में मोर पंख से करें ये उपाय, घर में आएंगी खुशियां ही खुशियां स्वास्तिक का अर्थ स्वास्तिक शब्द सु, अस व क अक्षर से मिलकर बना है. (स्वास्तिक के फायदे) इसमें सु का अर्थ शुभ, अस का अर्थ अस्तित्व और क का अर्थ कर्ता है. इसलिए इस चिन्ह को बेहद ही शुभ माना गया है. Also Read – मंदिर से वापस आते समय भूलकर भी नहीं लाना चाहिए खाली लोटा, इन नियमों का पालन करना है बेहद जरूरी स्वास्तिक का महत्व (Swastik Importance)

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार स्वास्तिक में चार समानांतर भुजाएं बनाई जाती हैं जो कि चार दिशाओं का प्रतीक है. इसलिए हिंदू धर्म में स्वास्तिक के चिन्ह को शुभ व कल्याणकारी माना गया है. Also Read – वास्तु टिप्सः क्या आपके कमरे में भी लगी है बंद घड़ी? तो आज ही हटा दें, हो सकता है भारी नुकसान

मुख्य द्वार पर क्यों बनाते हैं स्वास्तिक

हिंदू धर्म में लगभग प्रत्येक घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह बना हुआ नजर आएगा. जिसे काफी शुभ माना जाता है. लेकिन इसके पीछे भी एक महत्व हुआ है. माना जाता है कि घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाने से कोई बुरी शक्ति या नकारात्मकता घर में प्रवेश नहीं करती. इसके अलावा जिन घरों के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाने से उस घर में कभी भी दुख व दरिद्रता प्रवेश नहीं करती. ध्यान रखें कि घर के प्रवेश द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक बनाना चाहिए और ईशान या उत्तर दिशा में दीवार पर बनाएं. वास्तु टिप्स के अनुसार घर के मंदिर में भी स्वास्तिक बनाना शुभ होता है. कहते हैं कि ऐसा करने से घर पर हमेशा भगवान की कृपा बनी रहती है.

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