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वो बांटें तो ‘भगवान’, हमें किया जा रहा परेशान; ‘मुफ्त रेवड़ी’ पर तमिलनाडु के मंत्री ने पीएम मोदी पर कसा तंज

‘मुफ्त रेवड़ी’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर देश में सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। तमिलनाडु के मंत्री पलानीवेल त्यागराजन ने इस मामले में भाजपा को फटकार लगाई और पूछा कि क्या राज्यों में मुफ्त सुविधाएं ‘भगवान के हाथ से उतरती हैं’? पीएम मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे देते हैं तो कोई सवाल नहीं कर सकता क्योंकि यह सीधे भगवान के हाथ से उतरता है। और अगर कोई और देता है, तो वे कहते हैं, ‘नहीं, नहीं, यह एक बुरा फ्रीबी’है।

चुनाव में ‘मुफ्त रेवड़ी’ को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच बड़ी राजनीतिक लड़ाई के बीच तमिलनाडु के वित्त मंत्री पलानीवेल त्यागराजन ने एनडीटीवी से बात की। उन्होंने कहा कि फ्रीबी की धारणा बहुत खराब परिभाषित है। एक आदमी का फ्रीबी दूसरे आदमी का जरूरी सामाजिक खर्च है।

यह विवाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया टिप्पणी से शुरू हुआ था, जिसमें लोगों को चुनाव पूर्व वादों के खिलाफ चेतावनी दी थी और इसे “रेवडी संस्कृति” कहा था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी लंबित है क्योंकि एक याचिका में मांग की गई थी कि ऐसे वादे करने वाले पक्षों का पंजीकरण रद्द किया जाए। अदालत ने अब केंद्र से पूछा है कि ‘मुफ्तखोरी’ का क्या मतलब है और आम आदमी पार्टी और डीएमके से भी जवाब मांगा है।

यह पूछे जाने पर कि क्या मुफ्त राशन देने और टीवी जैसे सामान बांटने में कोई अंतर है। पलानीवेल त्यागराजन ने कहा कि तमिलनाडु में यह एक आम बात है। दरअसल, तमिलनाडु में लोगों को उपहार देने की परंपरा रही है। इस मामले में सीएम स्टालिन भी बयान दे चुके हैं और फ्रीबी की सही परिभाषा की मांग कर चुके हैं। राजन ने कहा कि वह भेद जो भी हो, मेरे लिए यह स्पष्ट नहीं है कि सर्वोच्च न्यायालय, टीवी एंकर या वित्त आयोग संविधान के तहत उस भेद को बनाने का सही अधिकार कैसे रखता है?

उन्होंने आगे कहा, “मतदाता इस आधार पर अपना मन बनाएंगे कि वे इसे पसंद करते हैं या नहीं, वे फिर से चुनाव करते हैं या चुनाव नहीं करते हैं। मुझे समझ में नहीं आता इसमें अदालत की क्या भूमिका है? किसी भी देश का संविधान कब से सर्वोच्च न्यायालय को यह तय करने की अनुमति देता है कि जनता का पैसा कैसे खर्च किया जाता है?”

पीएम मोदी पर हमला

इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, तमिलनाडु के मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने हाल ही में मुफ्त बस की सवारी की घोषणा की है। “क्या प्रधान मंत्री उस पर भी यही राय रखते हैं? तमिलनाडु में, हमारे पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक ने एक लाख महिलाओं के लिए आधी कीमत पर स्कूटर देने का फैसला किया और प्रधान मंत्री उस योजना का उद्घाटन करने आए। तब उनकी सोच क्या थी ?”

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