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नगर के मरकज़ी तालीमी दीनी इदारा जामिया रज़विया ज़ीनत उल किरात में “हुआ तालीमी सेमिनार का आयोजन

नगर के मरकज़ी तालीमी दीनी इदारा जामिया रज़विया ज़ीनत उल किरात में “हुआ तालीमी सेमिनार का आयोजन

पूरनपुर,पीलीभीतनगर के मरकज़ी तालीमी दीनी इदारा जामिया रज़विया ज़ीनत उल किरात में “तालीमी सेमिनार” हुआ जिसकी क़यादत (नेतृत्व) मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष हाफ़िज़ नूर अहमद अज़हरी ने की तथा अध्यक्षता अल्लामा शमीमुल क़ादरी ने की संचालन मौलाना दानिश रज़ा मिस्बाही ने किया।

इस दौरान शहर की इल्मी शख़्सियात ने अपने लेख पेश किये और ज़बानी भी ख़िताब (तक़रीर) किया सेमिनार में बोलते हुए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष हाफ़िज़ नूर अहमद अज़हरी ने कहा कि पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम ने फरमाया कि इल्म हासिल करो मां की गोद से लेकर क़ब्र के अंधेरे तक उन्होंने कहा कि इस्लाम ने हर मुसलमान पर फ़र्ज़ किया है।

कि इल्म सीखें इसके बा वुजूद भी अगर मुसलमान तालीम नही सीखता तो वह कमी हमारे रहनुमाओं की है मस्जिदों के इमाम हज़रात की ज़िम्मेदारी है कि वह इस ज़रूरी और फ़र्ज़ वाले पहलू पर ध्यान दें उन्होंने कहा कि तालीम से अगर क़ौम को दूर रखा गया तो हालात आज से भी बदतर होंगे क्योंकि तालीम नही होगी तो अपने असलाफ़ (पूर्वजो) की तारीख़ (इतिहास) को कैसे पढ़ेंगे ।

इस लिए गलियों में चौराहों पर बस्तियों में मोहल्लों में टोली टोलियां बनाकर क़ौम को जगाइए कि तुम पर इल्म का सीखना फ़र्ज़ है,इस दौरान अपने टॉपिक पर बोलते हुए मौलाना शमीमुल क़ादरी ने कहा कि हालाते हाज़िरा के पेशे नज़र इस्लाम को बदनाम करने के जो प्रोपेगंडे कामयाब हो रहे हैं उसकी वजह यही है कि हम तालीम से दूर हैं हम को अपनी नस्लो की कोई परवाह नही हम मौजूदा दौर में खाने पीने सोने जागने को ही ज़िन्दगी समझ रहे हैं।

दरअसल यह ज़िन्दगी नही यह तुम्हारी नस्लो के लिए खतरे के सिवा कुछ भी नही इस दौरान जामिया मैनेजर हाफ़िज़ असलम नूरी ने अपने लेख में कहा मदरसों की तालीम को बेहतर बनाने के लिए बा सलाहियत टीचर्स को नियुक्त किया जाए अंग्रेज़ी का सब्जेक्ट पढ़ाते वक़्त उस्ताद शागिर्द से अंग्रेज़ी में ही बात करे।

इस दौरान क़ारी फुरकान बज़्मी मौलाना दानिश रज़ा मिस्बाही आदि ने अपने लेख पेश किए और तक़रीरों के ज़रिया अपनी अपनी बातें कहीं इस दौरान जामिया की बच्चियों और बच्चों ने भी अपने अपने कमालात का पेश किए इस्लाम और मुल्क के तअल्लुक़ से इंग्लिश ज़बान में बच्चों का आपसी कॉम्पटीशन (मक़ाबला) हुआ 1st 2nd 3rd वाले बच्चों को इनआम से नवाज़ा गया।

..प्रिंसिपल मुहम्मद नसीम साहब ने भी अपनी बेबाक तक़रीर में बच्चों की तालीम को बेहतर बनाने के टिप्स दिए इस दौरान हाफ़िज़ उस्मान नूरी, मौलाना अजमल,अज़हरी हाफ़िज़ अरबाज़ रज़वी आदि मौजूद रहे।

रिपोर्ट:मीनू बरकाती

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