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चवन्नी नहीं जो पलट जाऊं: ‘जयंत चौधरी अभी बच्चे’, पिता की याद दिला BJP का RLD चीफ पर पलटवार

लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से मिले न्योते को ठुकराने वाले जयंत चौधरी पर अब भगवा दल ने जोरदार पलटवार किया है। राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख की ओर से यह कहे जाने पर कि ‘चवन्नी नहीं जो पलट जाऊं’ बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह बच्चे हैं। प्रधान ने उनके पिता के बार-बार पार्टी बदलने की याद दिलाते हुए कहा कि उनका इतिहास ज्ञान बेहद कमजोर है। केंद्रीय मंत्री ने उन्हें बच्चा बताते हुए माफ करने की बात कही।

प्रधान ने आगरा में कहा, ”जयंत के बारे में जितना कम कहा जाए उतना अच्छा। वह (जयंत चौधरी) बच्चे हैं, वह मैदान में नए आए हैं। उनके पिता ने कितनी बार पार्टी बदली। जब वह पहली बार चुनाव लड़े तो किसके साथ गठबंधन था। मुझ नहीं पता था कि उनका इतिहास ज्ञान इतना कमजोर है। बच्चों को माफ कर देना चाहिए।”

शाह के प्रस्ताव को जयंत ने ठुकराया

हाल ही में दिल्ली में जाट नेताओं से मुलाकात के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि जयंत चौधरी ने गलत घर का चुनाव कर लिया है और चुनाव बाद भी बीजेपी का दरवाजा उनके लिए खुला हुआ है। जयंत चौधरी ने बीजेपी के इस न्यौते को ठुकराते हुए कहा था कि वह चवन्नी नहीं हैं जो पलट जाएं। इसके बाद शाह ने एक जनसभा में यह भी कहा कि चुनाव बाद अखिलेश यादव जयंत चौधरी का साथ छोड़ देंगे।

लगातार साथी बदलते रहे अजित सिंह

देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे चौधरी अजित सिंह ने साल 1980 में राजनीतिक सफर का आगाज किया था। पिछले साल कोरोना की वजह से निधन से पहले करीब तीन दशक के लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने कई बार अलग-अलग दलों से गठबंधन किया। 1999 में बीजेपी के साथ गठबंधन करके अजित सिंह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री बने तो 2002 में उन्होंने गठबंधन तोड़कर 2004 के लोकसभा चुनाव में आरएलडी ने सपा के साथ गठबंधन किया।

2007 के विधानसभा चुनाव में सपा और आरएलडी की राहें फिर अलग हो गईं। 2009 के लोकसभा चुनाव में आरएलडी ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया। 2011 में अजित सिंह यूपीए-2 का हिस्सा बहनकर मंत्री बने। 2014 के लोकसबा चुनाव में भी आरएलडी कांग्रेस के साथ लड़ी। 2017 में कांग्रेस और सपा के साथ आने पर आरएलडी को दरकिनार कर दिया गया तो 2019 के लोकसबा चुनाव में रालोद को बसपा और सपा गठबंधन का हिस्सा बनाया गया। 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए सपा ने रालोद से गठबंधन किया है।

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