Maharajganj

परसामलिक थाना क्षेत्र का रेहरा, सेवतरी,झिंगटी व मर्यादपुर नाका बना तस्करी का हब.

  • परसामलिक थाना क्षेत्र का रेहरा, सेवतरी,झिंगटी व मर्यादपुर नाका बना तस्करी का हब.
  • तस्करी पर लगाम लगाने में फेल हुई सारी सुरक्षा एजेंसियां, तस्कर मालामाल.
  • बार्डर क्षेत्र में तस्कर गोदाम बनाकर करते हैं डम्प, रात में करते हैं सीमा पार.

हिन्दमोर्चा न्यूज़ महराजगंज/ रतनपुर.

आपको बता दें कि
परसामलिक थाना क्षेत्र में तमाम प्रयासों के बाद भी तस्करी का कारोबार पांव पसारता जा रहा है। ऐसे में पुलिस व एसएसबी के सभी चौकसी के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। थाना क्षेत्र में पुलिस और राजस्व टीम द्वारा समय-समय कार्यवाही भी की जा रही है बावजूद इसके तस्करी का कार्य रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में तस्करी को रोकने के सभी आधिकारिक दावें महज हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।

परसामलिक थाना क्षेत्र के ग्राम सभा रेहरा, सेवतरी, मर्यादपुर पहाड़ी टोला, झिंगटी आदि नाकों से आए दिन बड़े पैमाने पर गल्ला, चावल, चीनी, उर्वरक, मवेशी, समेत अन्य प्रतिबंधित समानों की खुलेआम तस्करी हो रही है। स्थानीय पुलिस व सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मी तस्करों के आगे बेबस साबित हो रहे हैं। दूरदराज से आए तस्कर पिकअप के माध्यम से प्रतिदिन करीब हजारों बोरी गल्ला लादकर सीमावर्ती गांवों में पहुंचा रहे हैं जहां से स्थानीय जिम्मेदारों से लाइन मिलते ही प्रतिबंधित समानों को उपरोक्त नाकों के पगडंडियों से सीमा पार भेजा जा रहा है।

ग्राम सभा सेवतरी में तस्करी का दो नाका है दोनों नाका एसएसबी के दो पिकेट के बीच स्थित है जहां सेवतरी से नेपाल बोदवार नाका एसएसबी कैंप से महज पांच सौ मीटर की दूरी पर मौजूद है तथा सेवतरी से नेपाल इमलिहवा नाका पुलिस चौकी से महज पांच सौ मीटर दूरी पर स्थित है, बावजूद इसके व्यापक पैमाने पर प्रतिबंधित समानों की तस्करी से एसएसबी व पुलिस के कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठने लगा है।

आपको बता दें कि बीते बुधवार की रात राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सेवतरी गांव में छापेमारी किया गया था जिसमें 195 बोरी तस्करी का धान बरामद किया था। जैसे ही मामला शांत हुआ कि गुरुवार से ही पुनः तस्करी का सामान डंप किया जाने लगा।

ग्रामीणों ने बया किया अपना दर्द:

कुछ ग्रामीणों का कहना है हम लोग मजदूर हैं दिन भर काम करके घर वापस आते हैं और भोजन करने के बाद जब सोने का समय होता है तो कैरिंग करने वाले तस्करों के शोर-शराबे के कारण पूरी रात नींद नहीं आती है और कुछ कहने पर तस्कर मारपीट करने पर आमादा हो जाते हैं।

सूचना देने के बाद भी नहीं होती कार्यवाही:

ग्रामीणों ने बताया कि तस्करी व तस्करों के आतंक की सूचना फोन के माध्यम से स्थानीय पुलिस को दिया गया है लेकिन सभी लोग अपने जेब भरने में मस्त हैं इसलिए तस्करों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं किया जा रहा है यही कारण है कि तस्करों का मनोबल दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

क्या कहते हैं अपर पुलिस अधीक्षक:

इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह का कहना है कि तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, इसके बाद भी यदि तस्करी हो रही है तो जांच कर तस्करी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

हिन्दमोर्चा टीम महराजगंज.

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