Lucknow

UP: कोडिंग सीख टेलीग्राम एप से संवाद करते थे आतंकी, स्लीपर सेल भी संपर्क में; एजेंसियां सतर्क

लखनऊ। प्रदेश के अलग अलग शहरों में बम विस्फोट की साजिश रचने वाले आतंकी टेलीग्राम एप का इस्तेमाल करते थे। खुफिया एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपित आतंकी संगठन इसी एप के जरिए संपर्क में थे। इन आतंकियों के साथी भी उनसे टेलीग्राम एप के माध्यम से ही बात करते थे। आतंकियों ने अपने-अपने इलाके में स्लीपर सेल तैयार करने की योजना बनाई थी और काफी हद तक वह कामयाब भी हुए।

हाल में पकड़े गए तीन आतंकियों को एटीएस की टीम पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। आतंकी इंटरनेट मीडिया के सहारे एक-दूसरे से जानकारी साझा करते थे। आतंकी गतिविधियों में गिरफ्तार किया गया सबाउद्दीन उर्फ सबाहुद्दीन आजमगढ़ के मुबारकपुर का रहने वाला है। वह आतंकी संगठन आइएसआइएस की जिहादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार कर रहा था। इसके लिए वह व्हाट्स एप पर टेलीग्राम एप के जरिए अरबी भाषा में जिहादी बातें करता था।

टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर करते थे बातः 12 अगस्त को सहारनपुर निवासी मो. नदीम और 14 अगस्त को फतेहपुर निवासी सैफुल्ला को गिरफ्तार किया गया था। दोनों पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हैंडलरों के संपर्क में थे और बड़ी घटना करने की फिराक में थे। इसके लिए दोनों पाकिस्तान जाने वाले थे।

 

सैफुल्ला पाकिस्तानी आतंकी हैंडलर द्वारा टेलीग्राम एप पर बनाए गए राह-ए-हिदायत ग्रुप से भी जुड़ा था। इस ग्रुप में पाकिस्तानी व अफगानी जेहादी मुजाहिद जुड़े थे। दोनों आतंकी भी गुरबा नाम के टेलीग्राम एप से जुड़ने के बाद एक-दूसरे के संपर्क में आए थे।

क्या है टेलीग्राम एपः टेलीग्राम वाट्स एप और फेसबुक मैसेंजर के जैसा मैसेजिंग एप्लीकेशन है। हालांकि इसका प्रयोग बिना किसी चार्ज के वाईफाई के जरिए सामान्य डाटा के माध्यम कर सकते हैं। यह क्लाउड पर आधारित है, जो वाइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकाल सर्विस है। इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों का डाटा प्रयोगकर्ता की डिवाइस में स्टोर होने के बजाय टेलीग्राम के सर्वर में स्टोर होता है।

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