Lucknow

NR मंडल लखनऊ : रेल प्रबंधक द्बारा दर्जनों मैकेनिकल विभाग के कर्मियों का तबादला का फरमान जारी

  • इस कार्यवाही से मचा हङकंप, यूनियनों के भ्रष्ट नेताओं पर गाज गिरना शुरु
  • तबादला के लिए दर्जनों लोको निरीक्षक एवं यूनियनों के नेताओं ने लगाया ऐङी चोटी का जोर

(ओपी सिंह वैस)

लखन्ऊ | उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल वर्षो से भ्रष्टाचार को लेकर मीडिया की सुर्खियों में छाया रहा चाहे आलमबाग डीजल घोटाला हो या विभाग परीक्षाएं हो लेकिन इतना भ्रष्टाचार होने के बावजूद तमाम अधिकारी आये और चले गये लेकिन इन यूनियनों के तथा कथित नेताओं एवं इनके गुर्गो पर कोई भी अधिकारी लगाम नहीं लगा सका, लेकिन जबसे मंडल रेल प्रबंधक सचिन मोहन शर्मा आये है भ्रषटाचारियों पर लगातार कार्यवाही जारी है और साथ ही साथ अयोध्या जैसे स्टेशन का पुरुषा हाल एवं अकबरपुर शाहगंज दोहरी लाईन पर ट्रेंनो का चलाना इनका सबसे महत्व पूर्ण योगदान रहा।

अधिकृत सूत्रों के अनुसार मंडल में एक ऐसा विभाग है जो मैकेनिकल ओएंड एफ (आर एस ओ ) बताया जाता है विगत क्ई वर्षो से यूनियन अधिकारी गंठजोङ के चलते सारे कानून को ताक पर रखकर कुछ लोको निरीक्षक बिना स्वीकृत पद के ही जैसे सुरेन्द्र मिश्रा जो डीजलशेड में लगा हुआ है एवं दर्जनो कर्मचारी दशकों से लगातार अवैध ढंग माईलेज के साथ वेतन ले रहे हैं.

सरकार जीरो टारलेंस को लेकर चिन्तित है तो ये अधिकारी लूट खसोट के लिए सक्रिय हैं सबसे मजे की बात तो ये है कि इसके लिए तीन अधिकारी की टीम भी लगायी गयी है जिनमें इनके खास इंचार्ज लोको निरीक्षक हैं जो प्रति माह माईलेज सहित लगभग दो लाख प्रति माह वेतन ले रहे हैं साथ ही साथ ठेकेदारों से खुलेआम कमीशन अलग से लाखों रुपये ले रहे हैं प्रति माह जिसके चलते ईमानदार तपके के ठेकेदारों को डांटकर भगा दिया जाता है.

अगर इसकी निष्पक्ष जांच हो तो दर्जनों कर्मचारियों एवं अधिकारियों की फौज जेल की सलाखों में पहुंच जायेंगे। विश्वस्त्र सूत्रों से पता चला है कि फाग सेफ डिवाईस की मरम्मत, रनिंग रुम की सफाई कार्य, लाईन चालक बाक्स लखनऊ एवं अयोध्या वाराणसी रनिंग रूम खाने यहां तक कि अयोध्या कैंट का रनिंग रूम अभी नया बना है दीवारें अभी से गङबङ हो रही हैं।

सूत्रों के अनुसार कुछ अधिकारियों ने बीबी बच्चों के नाम पर खुद की फर्म बना रखा है कुछ अधिकारी तो रेलवे की दो -दो सरकारी ठेके की गाडियों का दुरुपयोग कर रहे हैं और संबंधित वित्त विभाग इसका भुगतान प्रति माह सुविधा शुल्क के साथ कर रहा है। पता चला है कि ये वही वित्त विभाग है जिसने यूनियन के एक नेता अवैध ढंग से वेतन वृद्धि में तीन इंक्रीमेंट की जांज न करके पूरा भुगतान कर दिया।

अधिकृत सूत्रो के अनुसार मंडल आफिस में इससमय अट्ठारह लोको निरीक्षक साठ रनिंग स्टाफ अधिकारियों की कृपा से मौज कर रहे हैं एक -एक सीट पर दशकों से बिना स्वीकृत पद के लाखों रुपया वेतन ले रहे हैं। अगर मंडल रेल प्रबंधक जांच करायें तो यूनियनों के भ्रष्ट नेति अवश्य विरोध करने के लिए सक्रिय हो जायेंगे चूंकि इसमें अधिकतर यूनियनों के नेता मलाई काट रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार इन भ्रष्टाचारियों का संरक्षण भाजपा के कुछ तथा कथित नेता बताये जाते हैं जो गुंडों को लेकर ये यूनियनों के नेता धमकाते रहते हैं। पता चला है कि ऐसे ही अयोध्या कैंट इत्यादि और रनिंग रुम में स्टाफ की अपेक्षाएं अधिक पर्ची काटी जाती है और सफाई का सामान लिया ही नहीं जाता इस कार्य में लोको निरीक्षक को ही लगाया जाता है जो सारा कार्य स्वयं करके मोटा कमीशन लेते हैं जबकि अयोध्या में अधिक भ्रष्टाचार देखा जा सकता है।

पूरी खबर देखें

संबंधित खबरें

error: Sorry! This content is protected !!

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker