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भारतीय रेलवे में यूनियनों के चुनाव में देरी से चर्चित नेता भ्रष्टाचारियों और कामचोरों के बने शरणदाता

  • लखनऊ मंडल के ऐसे दर्जनों कर्मचारी पर चर्चित नेताओं की बरस रही कृपा

ओपी सिंह वैस

लखनऊ / भारतीय रेलवे में यूनियनों का चुनाव को लेकर रेल कर्मचारी काफी उत्साहित दिखाई दे रहे हैं और सरकार से अविलंब चुनाव कराने की मांग किया है।
भारतीय रेलवे में एक इंडस्ट्री एक यूनियन नियम के तहत चुनाव हुए लगभग 10 वर्ष हो चुके हैं लेकिन
अभी तक सरकार ने दुबारा चुनाव कराने का कोई निर्णय नहीं ली है जिस कारण से एक चर्चित यूनियन के नेताओं की मनमानी घोटाला करने एवं रेल कर्मियों का
शोषण बदस्तूर जारी है।

सूत्रों के अनुसार ये अधिकारियों पर दबाव बनवा कर जबर दस्ती रेल कर्मियों से चंदा वसूलते हैं और साथ ही साथ मनमाने ढंग से पदोन्नति एंव तबादला करवाने में सक्रिय हैं जिसका क्ई उदाहरण है जैसे रमाकांत यादव, सचिन मिश्रा ,सुरेंद्र मिश्रा जैसे भ्रष्ट लगभग दर्जनों बाबू को एक दशक से अधिक एक -एक सीट पर नियुक्ति दी गयी है।

मिली जानकारी के अनुसार एक चर्चित रेल कर्मी गरिमा मिश्रा है जो यूनियन के नेताजी की लङकी है उसको बीते क ई वर्षो से घर बैठे वेतन मुख्य हित निरीक्षक राजेश महाजन द्बारा दिलाया जा रहा है। क्योंकि अगर राजेश महाजन जो भ्रष्टाचार का जनक है ये वेतन नहीं दिलायेगा तो कल उसकी आय से अधिक संपत्ति की जांच नेता जी करवा देंगे एक सूत्र ने बताया कि गरिमा मिश्रा गोपनीय विभाग में तैनाती के दौरान राजेश महाजन गोपनीय विभाग में बतौर इंचार्ज के पद पर कार्यरत था और गरिमा मिश्रा को घर भेजकर रजिस्टर पर हस्ताक्षर करवाता है।

जिसके ईनाम स्वरुप नेताजी ने उसको अपनी यूनियन में पदाधिकारी बना दिया । इसके बाद राजेश महाजन मृतक आश्रित कोटा में रिश्वत की एक लिस्ट जारी कर दिया दो लाख से लेकर तीन लाख तक।

इसके बाद आगे बताते हैं कि नेता जी की कृपा से मैकेनिकल विभाग के एक अधिकारी एवं उसके लगभग आधा दर्जन गुर्गे लोको निरीक्षक जिसका चिटठा विजिलेंस को भेजा गया है कि सभी संबधित स्टाफ का रोटेशन हो गया है रेल कर्मियों ने बताया कि यूनियनों का चुनाव हर 5 वर्ष पर होना चाहिए लेकिन कोई चुनाव नहीं करवाते हैं।

जब कि एक सर्कुलर आया है कि कोई भी यूनियन का आफिस बियरर (पदाधिकारी) 2800 ग्रेड पे के ऊपर का नहीं होगा लेकिन लगभग सभी यूनियनें इस नियम को मानने के लिए तैयार नहीं हैं और सरकार भी निष्क्रिय दिखाई दे रही है रेल कर्मियों ने प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री से आग्रह किया है कि सरकार तत्काल इसमें हस्तक्षेप करे नहीं तो ये सब रेलवे को रसातल में पहुंचा देंगे।

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