Ayodhya

5925 करोड़ की एमओयू को प्रशासन व कम्पनी प्रतिनिधियों ने किया हस्तांतरित

  • 5925 करोड़ की एमओयू को प्रशासन व कम्पनी प्रतिनिधियों ने किया हस्तांतरित
  • 350 मेगावाट बिजली के उत्पादन से कृषिकों की आय में होगा इजाफा

अंबेडकरनगर। विधान परिषद सदस्य डॉक्टर हरिओम पांडेय वह जिलाधिकारी अविनाश सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ, मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन, अपर जिलाधिकारी सदानंद गुप्त, जैनी केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड एवं रिलायंस बायो एनर्जी लिमिटेड के प्रतिनिधि, जनपद के कृषक बंधु एवं नारी शक्ति सहित आए हुए अन्य अतिथियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। इसके उपरांत सभी अतिथियों को बुके देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुरुआत करते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व द्वारा विस्तार पूर्वक जनपद में हो रहे इन्वेस्ट की जानकारी दी गई। इसके उपरांत एमएलसी द्वारा अपने उद्बोधन के दौरान प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जनपद में हो रहे चौमुखी विकास व इन्वेस्ट के लिए जिलाधिकारी को बधाई दी गई। इसके उपरांत मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अन्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया। जिलाधिकारी ने अपने उद्बोधन के दौरान कहा कि जनपद में इन्वेस्टर्स के लिए असीम संभावनाएं हैं, यहां पर पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है जो भी उद्यमी बंधु यहां पर उद्योग लगाना चाहते हैं जिला प्रशासन उन्हें हर प्रकार से सहयोग प्रदान करेगा, उन्होंने जैनी केमिकल एंड फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड एवं रिलायंस बायो एनर्जी लिमिटेड के आए हुए प्रतिनिधियों को जनपद में 5925 करोड़ रुपए निवेश हेतु बधाई दी एवं पूर्ण रूप से अस्वस्थ किया कि आगे भी उन्हें किसी प्रकार की कोई कठिनाई उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी, जिला प्रशासन का सतत सहयोग बना रहेगा। प्रधानमंत्री के 5 ट्रिलियन इकोनामी व यशस्वी मुख्यमंत्री के एक ट्रिलियन इकोनामी के सपने को साकार करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अविनाश सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जनपद लगातार प्रदेश में अपना स्थान बनाता जा रहा है। इसी क्रम में जनपद में जैनी केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड एवं रिलायंस बायो एनर्जी लिमिटेड का औद्योगिक विकास परियोजना का एमओयू हस्तांतरित कर शुभारंभ किया गया। जैनी केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा जनपद में ग्रीन मेथेनॉल 1515 टन प्रतिदिन तथा इलेक्ट्रिसिटी उत्पादन 300 से 350 मेगावाट प्रतिदिन उत्पादन किया जाएगा तथा रिलायंस बायो एनर्जी लिमिटेड के द्वारा जनपद में रुपए 125 करोड़ का निवेश किया जा रहा है ,जिससे जनपद में 1000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार तथा 10 हजार से अधिक व्यक्तियों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का अवसर सुलभ होगा। इस प्रकार जनपद में इन दोनों परियोजनाओं के स्थापित होने से जनपद में कुल रुपए 5925 करोड़ का निवेश प्राप्त हो रहा है, जिससे जनपद में प्रत्यक्ष रोजगार 8000 एवं अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख से अधिक व्यक्तियों को रोजगार का अवसर सुलभ होगा। इस प्रकार जनपद में कुल 220 निवेशकों द्वारा किया गया कुल निवेश बढ़कर रुपए 8035 करोड़ हो गया है, जो शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 350 प्रतिशत की उपलब्धि जिलाधिकारी महोदय के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्राप्त किया गया है, जो जनपद के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है। टॉप इन्वेस्टर के तहत 15 उद्यमियों को जिलाधिकारी व विधान परिषद सदस्य डॉक्टर हरिओम पांडेय द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। जनपद को उद्योग जगत में एक अलग पहचान मिलेगी और जनपद नई ऊंचाइयों को छूएगा। अवगत कराना है कि जैनी केमिकल और फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड मुंबई द्वारा में 5800 करोड़ रुपए निवेश कर 350 मेगावाट बिजली व ग्रीन मेथेनाल उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए टांडा तहसील में जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सचिन यादव द्वारा पूर्व में दिखाया गया था। जिसे जैनी केमिकल के प्रतिनिधियों द्वारा वहां पर अपने प्लांट लगाने के लिए आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की गई, जिसके क्रम में पूर्व में जिलाधिकारी अविनाश सिंह तथा उप जिलाधिकारी सचिन यादव व जैनी केमिकल की टीम ने अपर मुख्य सचिव अतरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग उत्तर प्रदेश शासन महेश चंद गुप्ता से लखनऊ जाकर वार्ता की गई। जिस पर अपर मुख्य सचिव सर द्वारा भी सहमति जताई गई। इसके बाद इस टीम द्वारा यूपीपीसीएल के अध्यक्ष आशीष गोयल सर से भी वार्ता की गई है उनके द्वारा भी इस प्रोजेक्ट पर सहमति जताई गई है। अवगत कराया गया कि उन्हें जनपद से 100 एकड़ जमीन नदी के किनारे लीज पर दिखाया गया। जो 30 वर्ष से अधिक के लीज पर यूपी नेडा के द्वारा जैनी केमिकल के साथ लीज करार होगा। यहां पर उनके द्वारा कृषि क्षेत्र के वेस्ट मैटेरियल यथा गन्ना की खोई,धान की भूसी, पराली सहित अन्य वेस्ट मैटेरियल द्वारा 1515 टन प्रतिदिन ग्रीन मेथेनॉल व बिजली का उत्पादन किया जाएगा। लगभग वर्ष भर में 20 लाख टन कृषि क्षेत्र के वेस्ट मैटेरियल की आवश्यकता होगी। इसके माध्यम से जहां एक तरफ हमें विदेशी पेट्रोल खरीद के निर्भरता में कमी आएगी वहीं दूसरी तरफ कृषि वेस्ट मैटेरियल पराली आदि जलाने से प्रदूषण का भी बचाव होगा साथ ही वेस्ट मैटेरियल के बिक्री से किसानों को आय प्राप्त होगी। इस प्रकार बायो फ्यूल के उपयोग से वायु प्रदूषण में कमी आएगी। इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष को मिलाकर जनपद के एक लाख से अधिक लोगों को आर्थिक रूप से लाभ होगा। जनपद की स्थलीय स्थिति बहुत ही महत्वपूर्ण है, प्रदेश की राजधानी लखनऊ से निकट, गोरखपुर, बनारस के बीच में स्थिति तथा अयोध्या का अभिन्न अंग होने के कारण यहां पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की असीम संभावना है।

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