Ayodhya

सरकारी दफ्तरों से लेकर संस्थानों में मनी सुभाष चंद्र बोस की जयंती

  • सरकारी दफ्तरों से लेकर संस्थानों में मनी सुभाष चंद्र बोस की जयंती
  • नेता जी का आजादी दिलाने में रहा अहम योगदान-अविनाश सिंह
  • बनकठा व अटंगी प्राथमिक विद्यालय में धूमधाम से मनायी गयी जयन्ती

अंबेडकरनगर। जिलाधिकारी अविनाश सिंह द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के शुभ अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा पुष्प अर्पित कर नमन किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक में एक बंगाली परिवार में हुआ था। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इनका बहुत बड़ा योगदान है। ‘तुम मुझे खून दो-मैं तुम्हें आजादी दूंगा‘, ‘जय हिंद-जय भारत‘ और ‘दिल्ली चलो‘ जैसे नारों से उन्होंने देश के युवाओं में देशभक्ति की लौ जलाई थी। 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती मनाई जाती है।

इस दिन को पराक्रम दिवस के रूप में भी जाना जाता है। अपर जिलाधिकारी डॉ सदानंद गुप्ता, उप जिलाधिकारी मोहनलाल गुप्ता तथा रोशनी यादव तथा कलेक्ट्रेट के अन्य अधिकारी कर्मचारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित का नमन किया। इसी तरह बनकठा गांव में समाजसेवी अशोक गुप्त द्वारा नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की प्रमिता पर माल्यार्पण किया गया और अपने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर अशोक कुमार उर्फ बब्ब,ू प्रदीप, अमरनाथ, सर्वेश श्याम जी, ह््रदय राम, कमल, सूरज, राम शक्ल, सुभाष, हरिओम आदि लोग मौजूद रहे।

वहीं अकबरपुर शिक्षा क्षेत्र के अटंगी मुगरी परिषदीय विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेन्द्र देव पाण्डेय ने धूम धाम से जयन्ती मनायी। उन्होनें अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी दिलाने में नेता जी ने जो भूमिका निभायी वह उसे भुलाया नहीं जा सकता। ब्रिटिश हुकुमत से मुकाबला करने के लिए उनके द्वारा आजाद हिन्द नामक संस्था का गठन किया गया जिसका नारा था सभी मिलकर मुझे खून दो हम आजादी दिलाकर रहेंगे। कहा कि नेता जी मौत हवाई जहाज की दुर्घटना में होना बताया जा रहा है किन्तु वे आज भी हम लोगों के दिल में हैं।

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