Ayodhya

लू से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपायों को अपनाएं आवाम-अविनाश सिंह

  • लू से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपायों को अपनाएं आवाम-अविनाश सिंह
  • 19 से 20 तक अधिक तापमान होने की संभावना को लेकर आपदा प्रबंधन द्वारा एडवाइजरी जारी

अंबेडकरनगर। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 19 को ऑरेंज अलर्ट एवं 20 को येलो तक जिले में हीट वेब की संभावना है। इसे लेकर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, द्वारा एडवाइजरी जारी कर लू से बचाव के उपाय, लक्षण व उपचार आदि के बारे में सचेत किया गया है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अपील करते हुए कहा है कि जनसामान्य लू से बचाव को लेकर बताये उपायों को अमल में लायें और अपना बचाव करें। अपर जिलाधिकारी डॉ सदानंद गुप्ता ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार उक्त हीटवेव चलने की संभावना है।

ऐसे में बचाव के लिए आवश्यक एहतियातें बरती जायें तथा सुरक्षात्मक उपायों को अपनाया जाये। आपदा विशेषज्ञ सूर्यभान ने बचाव के तरीके बताते हुए कहा कि गर्म हवाओं से बचने के लिए खिड़की को रिफ्लेक्टर जैसे एलुमिनियम पन्नी, गत्ते इत्यादि से ढककर रखें, ताकि बाहर की गर्मी को अन्दर आने से रोका जा सके। उन खिड़कियों व दरवाजों पर, जिनसे दोपहर के समय गर्म हवाएं आतीं हैं, काले परदे लगाकर रखना चाहिए। बच्चों तथा पालतू जानवरों को कभी भी बन्द वाहन में अकेला न छोड़ें।

जहां तक सम्भव हो घर में ही रहें तथा सूर्य के ताप से बचें। सूर्य के ताप से बचने के लिए जहां तक संभव हो घर की निचली मंजिल पर रहें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। मादक पेय पदार्थों का सेवन न करें। घर से बाहर अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें। उन्होंने बचाव के बारे में बताते हुए कहा कि धूप में खड़े वाहनों में बच्चों या पालतू जानवरों को न छोड़ें। खाना बनाते समय घर के खिड़की दरवाजे आदि खुले रखें जिससे हवा का आना जाना बना रहे।

नशीले पदार्थों, शराब अथवा अल्कोहल से बचें। उच्च प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन करें। बासी भोजन कतई न इस्तेमाल करें इसके साथ ही संतुलित व हल्का आहार लें। घर में पेय पदार्थ जैसे लस्सी, छांछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नमक चीनी का घोल, नीबू पानी या आम का पना इत्यादि का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि अभी आगे गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा इसलिए गर्मी से बचाव के लिए विभिन्न उपायों को अपनाना चाहिए। गर्मी में शरीर के द्रव्य बॉडी फ्लूड सूखने लगते हैं। शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है।

शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारी, मोटापा, पार्किंसंस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वाले व्यक्तियों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है। इसके अलावा डॉययूरेटिक, एंटीस्टिमिनक, मानसिक रोग की औषधि का उपयोग करने वाले व्यक्ति भी लू से सावधान रहें। लू के लक्षणों में गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उल्टे श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी का होना या चक्कर आना, मूत्र न होना अथवा इसमें कमी आदि मुख्य लक्षण हैं। इन लक्षणों के चलते मनुष्यों के शरीर के उच्च तापमान से आंतरिक अंगों, विशेष रूप से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है। इससे शरीर में उच्च रक्तचाप उत्पन्न हो जाता है। लू से बचाव हेतु अत्यधिक सावधानियां बरतना सुनिश्चित करें।

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