Ayodhya

बीएसए कार्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला बीएसए का हिमायती घटोत्कच लिपिक जोशी की दबंगई सर चढ़कर बोल रही

विक्रांत यादव

👉69 हजार बैच के शिक्षकों का नहीं हो सका एरियर वेतन का भुगतान
👉दो वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं दिया किसी प्रकार की जानकारी
👉चार हजार जिसने नहीं दिया उसका नहीं हो सका एरियर का भुगतान
👉विषम से विषम परिस्थितियों से गुजर रहे शिक्षकों का नहीं है कोई सहारा भुगतान
👉 महीनों से स्थानांतरण होने के बावजूद अपना जड़ जमाए बैठा है घटोत्कच लिपिक जोशी
👉मीडिया के संज्ञान में आते ही विभाग के हाथ पैर फूलने लगे

अंबेडकरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग अंबेडकर नगर में भ्रष्टाचार का बोलबाला इस कदर है जिसे जानकर और सुनकर आप भी हो जाएंगे हैरान। आए दिन सुर्खियों में रहने वाला बेसिक शिक्षा विभाग अपने बचाव के लिए कोई ना कोई तरकीब जरूर आजमाइश करता रहता है और अपनी पीठ थपथपाने का काम करता रहा है।

हां अगर शोषण की बात करें तो शोषण लेने की ट्रेनिंग कोई इस विभाग के कुछ खंड शिक्षाधिकारियों और घटोत्कच लिपिक रविंद्रनाथ जोशी से सीखे जो लंबे समय से इसी जनपद में अपना जड़ जमाए बैठा है।
शिक्षकों के साथ हो रहे लगातार मानसिक शारीरिक और आर्थिक शोषण की सुध लेने वाला कोई नहीं क्योंकि स्वयं जनपद का बेसिक विभाग ही इस शोषण का जिम्मेदार हैं।

खंड शिक्षाधिकारी से लेकर बीएसए विभाग में तैनात लिपिक तक सिर्फ शोषण पर ही आमादा रहते हैं। भ्रष्टाचार तो इस कदर है कि अगर जांच हो जाए तो ऐसे-ऐसे कारनामे सामने आएंगे कि उत्तर प्रदेश सरकार और बेसिक के महानिदेशक की भी आंखें भी खुली की खुली रह जाएंगी।

69 हजार शिक्षक भर्ती के सापेक्ष प्रथम चरण की नियुक्ति (31661) में जनपद में अक्टूबर 2020 में तैनात शिक्षकों का एरियर भुगतान किन-किन हालातों में हुआ यह किसी से छिपा नहीं है, के बावजूद भी आज भी तमाम इस बैच के शिक्षक लगातार प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं और उन्हें पता तक नहीं है कि आखिरकार उनका एरियर वेतन का भुगतान क्यों नहीं हो रहा है।

और ना ही विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की कोई जानकारी दी जाती है बजाय सिर्फ दौड़ाने के और आखिरकार दौड़-दौड़कर शिक्षक भी त्रस्त हो चुके हैं लेकिन शिक्षकों आज तक यह पता नहीं हो पाया कि आखिरकार यह सब हो कैसे रहा है और क्यों हो रहा है। जबकि दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उनके एरियर वेतन का भुगतान नहीं हो सका।

बेसिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय किरण आनंद द्वारा कई बार आदेश और निर्देश जारी किए जा चुके हैं यहां तक कि डाटा मांगा जा चुका है कि कितने शिक्षकों का एरियर वेतन का भुगतान नहीं हुआ फिर भी नहीं हो सका भुगतान।

आखिरकार कारण क्या है शासन भी इस मामले में काफी गंभीर नजर आई थी‌ के बावजूद भी इस जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं लिया और इनकी मनमानी और दबंगई सर चढ़कर बोलती गई।

ये नवनियुक्त शिक्षक बंधु की स्थिति इस कगार तक पहुंच गयी है कि किसी के पास रहने का समुचित व्यवस्था ना होने के कारण आशियाना बनवाना अतिआवश्यक है, किसी के घर भाई-बहन की शादी है तो किसी के घर गंभीर बीमारियों से ग्रसित माता-पिता या परिवार के सदस्य हैं।

ऐसे हालातों में जिंदगी गुजर- बसर रहे शिक्षकों का आज तक कोई माई बाप बनकर सामने नहीं आया जो इनके वेतन का भुगतान करा सकें। विभाग का घटोत्कच्छ लिपिक रविंद्रनाथ जोशी अपनी घटिया कृत्य के बलबूते सिर्फ पैसा कमाने की चाहत ने भ्रष्टाचार की दलदल में ऐसा समाया है कि अध्यापकों का शोषण करने का कोई न कोई फंडा अपनाता ही रहता है कोई ना कोई कारण लगाकर कंप्यूटर में इन अध्यापकों के नाम को मार्क कर विभाग की परिक्रमा करवाता रहता है।

नाम ना छापने के शर्त पर कई अध्यापकों ने मीडिया को बताया कि जब तक जब पैसा नहीं देंगे तब तक एरियर वेतन का भुगतान नहीं करते हैं।

यह सब कारनामा तब उजागर हुआ जब मामला मीडिया के संज्ञान में आया और मजे की बात है कि उत्तर प्रदेश में आयी योगी सरकार पार्ट-2 अपने जिस साफ-सुथरी और स्वच्छ छवि के दम पर जनता का विश्वास जीतकर सत्ता में आई है उसी विश्वास का खुलेआम कत्ल कर रहा है अंबेडकरनगर का बेसिक शिक्षा विभाग।

सूत्र बताते हैं कि बेसिक शिक्षा अधिकारी का प्राण प्रिय, हिमायती, कामधेनु ,घटोत्कच लिपिक रविंद्रनाथ जोशी का लगभग छः महीने पहले ही स्थानांतरण हो चुका है किंतु आज भी वह इसी विभाग में अपनी गंदी जड़ जमाए बैठा है। आखिर किसके सह पर यह सब भ्रष्टाचार चल रहा है।

संवाददाता विक्रांत यादव ने जब इस संदर्भ में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किये तो विभाग का बाबू श्रीकांत ने बताया कि लिपिक रविंद्रनाथ जोशी का स्थानांतरण बेशक हो गया है किंतु मेरे पास कोई लिखित रूप से कोई चार्ज नहीं है और सारी फाइलों को रवींद्रनाथ जोशी बाबू अपने पास ही रखे हैं मेरे पास कुछ भी नहीं है।

आज तक चार्ज हैंडओवर नहीं किया गया है और लोगों को बस यही कहकर टरका दिया जाता था कि इस पटल को श्रीकांत देख रहे हैं। वाह रे वाह!अंबेडकरनगर का बेसिक शिक्षा विभाग तेरी तो अजब-गजब की लीला है लेकिन वास्तविकता तो कुछ और है लगभग छ: महीने से आखिरकार कैसे यह भ्रष्टाचार आग उगलता रहा है और शिक्षक दर-दर भटकता रहा।

आखिरकार जिन शिक्षकों के दम पर देश के सबसे बड़े महोत्सव को मनाया जाता है, जिन शिक्षकों के दम पर शासन का हर काम आसानी से हो जाता है,जिन शिक्षकों को डराया और धमकाया जाता है उन्ही शिक्षकों का मानसिक और शारीरिक शोषण किया जाता है आखिर क्या इन बेसिक शिक्षकों का कोई अधिकार नहीं कोई अस्तित्व नहीं है।अपनी ही मेहनत की गाढ़ी कमाई पाने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

यदि कोई भी शिक्षक अपनी आवाज उठाने का प्रयास भी करता है उसे जबरन तरीके से दबाने का प्रयास किया जाता है विभाग के द्वारा,जिससे भविष्य में कभी अपनी आवाज ना उठा सके और इनकी भ्रष्टाचार के तले दबे कुचले मानसिकता में काम करता रहे। विभाग में काला साम्राज्य स्थापित हो चुका है अगर इनके चढ़ावे को नहीं पूरा किए तो शिक्षक की बलि जरूर किसी ना किसी रूप में चढ़ाने का काम किया जाता है,यही फार्मूला चल रहा है।

बीते दिनों कई घटनाएं शिक्षा क्षेत्र जलालपुर, बसखारी और भीटी से आ चुके हैं और अध्यापक अब अब यह मान चुका है कि शिक्षक के साथ कुछ भी हो जाए स्वयं विभाग भी इनका जिम्मेदार नहीं है। विभाग के अधिकारी जैसे चाहे वैसे ही अपना हंटर चलाते रहें और शिक्षक इनके हंटर का शिकार होता रहे तो साहब खुश रहेंगे अन्यथा की स्थिति में किसी ना किसी प्रकार की कार्रवाई का दबाव बनाकर कुचल देंगे।

अंबेडकर नगर जनपद के शिक्षकों की आवाज है और चाहते हैं कि एक बार महानिदेशक श्रीमान विजय कर आनंद जी इस जनपद में अपना तूफानी दौरा करें और इस जनपद की हकीकत को जाने किस स्थिति में शिक्षक जीवन जी रहा है। और शिक्षकों से व्यक्तिगत रूप से रूबरू होकर उनकी समस्याओं अवगत हों।

जिससे पता चले कि किस तरह से विभाग में खेल हो रहा है और विभाग के अधिकारी अपने अधिकारीपन और पद का नाजायज फायदा उठाते हुए किस तरह से अध्यापकों का मानसिक शारीरिक और आर्थिक शोषण कर रहे हैं। और इन अधिकारियों और जिम्मेदारानों के दबंगई और बेतरतीब बदजुबानी में लगाम लग सके जो शिक्षकों को शिक्षक नहीं नाली का कीड़ा समझते हैं।

यह मानकर चलते हैं कि शिक्षक इनका गुलाम है और उसी अंदाज में उनसे दुर्व्यवहार करते हैं। जिलाधिकारी महोदय को मामले को संज्ञान में लेते हुए जांचकर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जिससे भ्रष्टाचार का यह दलदल साफ हो सके और अध्यापकों के जी का जंजाल, आर्थिक ,मानसिक और शारीरिक शोषण का यह घटिया कृत बंद हो सके।

🔶✒️हिन्दमोर्चा करेगा इस विभाग का पर्दाफाश, होंगे बड़े से बड़े खुलासे सबूतों के साथ।
अगले अंक में पढ़िए भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे इन अधिकारियों, घटोत्कच बाबू जोशी के कारनामे...

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