Ayodhya

पुरानी पेंशन बहाली मंच अटेवा ने मनाया काला दिवस

  • पुरानी पेंशन बहाली मंच अटेवा ने मनाया काला दिवस

अम्बेडकरनगर। अटेवा पेंशन बचाओ मंच प्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के प्रांतीय आहान पर पूरे प्रदेश में एनपीएस के विरोध में प्रदेश भर के कर्मचारियों द्वारा बांह पर काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया गया। इस क्रम में अटेवा के सभी पेंशन विहीन कर्मचारियों ने अपने कार्य स्थल पर उपस्थित रहकर निष्ठा पूर्वक कार्य करते हुए एनपीएस स्कीम के विरोध में अपनी बाहों पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया तथा विरोध जताया जैसा की ज्ञात हो विगत 1 अप्रैल 2005 से प्रदेश में सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर उसकी जगह शेयर बाजार आधारित पूर्णतया असुरक्षित नई पेंशन स्कीम को लागू किया गया जो किसी भी तरह कर्मचारी के हित में नहीं है। 1 अप्रैल 2005 से शेयर बाजार पर आधारित नई पेशन व्यवस्था को लागू किया गया था। जिसने देश के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के भविष्य को शेयर बाजार के दोराहे पर खड़ा करने का काम किया है। नई पेशन से आच्छादित होने वाले शिक्षकों एव कर्मचारियों को पेंशन के नाम पर मात्र 1000 से 2000 दिये जा रहें है। जो अत्यंत शोचनीय विषय बन गया है। अटेवा ने हमेशा नई पेशन व्यवस्था का विरोध किया है और पुरानी पेंशन बहाली तक करता रहेगा। 1 अप्रैल 2005 का दिन शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सेवा के इतिहास में काले दिन के रूप में है। 1 अप्रैल को सभी शिक्षक एवं कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बाधकर कर अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार से सामाजिक सुरक्षा देने वाली पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु के नेतृत्व में देश भर में चलाए जा रहे देशव्यापी पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन व निजीकरण समाप्ति आंदोलन में कश्मीर से कन्याकुमारी तक लड़ रहा हैं और अगर हम सबने मिलकर जोर लगा दिया तो वो दिन दूर नहीं जब पूरे भारत वर्ष के 80 लाख कर्मचारियों को ओपीएस का ‘तोहफा मिलेगा। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म जैसे ट्विटर,फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप इत्यादि पर कर्मचारियों के बांह पर काली पट्टी लगी फोटो और पोस्टों की भरमार रही। लोगों ने बढ़-चढ़कर इस काला दिवस के अभियान में हिस्सा लिया अपने समस्त स्टाफ की पिक सोशल मीडिया पर एक द्सरे से साझा की। इस अभियान में सभी विभागों जिम प्रमुखता से शिक्षा विभाग पंचायती राज विभाग राजस्व विभाग व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागी तथा पूरे दम काम के साथ पुरानी पेंशन बहाली के संघर्ष में अपना योगदान देने की बात कहीं। आगामी लोकसभा चुनाव में वोट फॉर ओपीएस मतलब जो हमारी पेंशन की बहाली की बात करेगा हमारे मुद्दे को प्रमुखता से अपने घोषणा पत्र में स्थान देगा कर्मचारी, उसका परिवार और उसके जुड़े सभी मतदाताओं का वोट उसी को जाएगा।

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