Ayodhya

जॉब कार्ड धारकों को भुगतान न मिलने से गांवों का विकास कार्य बाधित

  • जॉब कार्ड धारकों को भुगतान न मिलने से गांवों का विकास कार्य बाधित
  • बजट आते ही श्रमिकों के खाते में भेज दी जाएगी मजदूरी-मनोज वर्मा

जलालपुर।अंबेडकरनगर।रोजगार की गारंटी देने वाली योजना मनरेगा में भुगतान की गारंटी नहीं है।बीते 6 माह के अंदर मजदूरों द्वारा किए गए कार्यों का लगभग दो करोड़ रुपया बकाया होने के चलते जहां मजदूर गांव छोड़ पलायन करने को बिबश है वही गावों में विकास कार्य ठप पड़ा हुआ है। यह हाल है जलालपुर ब्लॉक के मनरेगा विभाग का। जलालपुर ब्लॉक में कुल 115 ग्राम पंचायत हैं। मनरेगा योजना के तहत यहां लगभग 36 हजार मनरेगा मजदूरों का पंजीकरण किया गया है।जिसमें लगभग 28 हजार मजदूर गांव के विकास की योजनाओ में काम कर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। इस योजना के तहत सरकार 100 दिन की रोजगार की गारंटी तो देती है किंतु इन मजदूरों से काम लेने के बाद इनके भुगतान की कोई गारंटी नहीं है।भुगतान समय से नहीं मिलने के वजह से इन मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गई है। पुराना बकाया नहीं मिलने से अब यह मजदूर गैर प्रांत में जाकर काम करने को विवश है।रिकार्ड के अनुसार चकमार्ग,नाली, खड़ंजा,प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास,सड़को के किनारे सफाई के साथ अन्य योजनाओं में मनरेगा मजदूरों की सहभागिता रहती है।पिछले अक्तूबर माह से उक्त सभी ग्राम पंचायतों में लगभग 16 हजार मजदूरों ने विभिन्न योजनाओं में काम किया है।इन मजदूरों का लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपए बकाया है।
मनरेगा में काम कर रहे इन मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन लगाई जाती है।इसके बावजूद मजदूरों का भुगतान नहीं किया गया। सहालग का सीजन है भुगतान नहीं होने से मजदूर कर्ज लेकर शादी विवाह समेत अन्य कार्यक्रम करने को बिबश है।
बीते 6 माह से मनरेगा मजदूरों का भुगतान बजट के अभाव में लटका हुआ है जिसका असर अन्य विकास की योजनाओ पर पड़ रहा है।एक करोड़ 80 लाख रुपए का बकाया है। उक्त के संबंध में एपीओ मनोज वर्मा ने बताया कि बजट आते ही सभी मजदूरों की मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा |

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