Ayodhya

जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण में अव्यवस्थाओं का अंबार,14 चिकित्सक नदारद

  • जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण में अव्यवस्थाओं का अंबार,14 चिकित्सक नदारद
  • लापरवाह कर्मचारियों व डॉक्टरों को एडीएम ने लगायी फटकार और दिये निर्देश

अम्बेडकरनगर। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग पटलों का निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया था जिसमें सभी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपनी निरीक्षण की रिपोर्ट प्रेषित की गई है। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति में स्वयं पर्ची काउंटर, दवा वितरण काउंटर, एक्स-रे कक्ष, सीटी स्कैन कक्ष ,रैन बसेरा तथा डॉक्टरों के ओपीडी कक्ष निरीक्षण के मौके पर पर्ची काउंटर में कुल 342 ओपीडी मरीजों का रजिस्ट्रेशन किया गया तथा 66 मरीज का एक्स-रे, 34 मरीज का अल्ट्रासाउंड, 55 मरीज का डिजिटल एक्स-रे, 17 मरीज का सीटी स्कैन किया गया। साथ ही साथ जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में डैम कक्ष सहित अन्य पटल का निरीक्षण किया गया। डैम द्वारा अवगत कराया गया कि आशा बहूओं का माह दिसंबर तक भुगतान किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सभी पटलों पर उपस्थित डॉक्टर व कर्मचारियों से संबंधित कार्यालय के बारे में जानकारी ली गई तथा सभी पटलों पर उपस्थित मरीज परिवारजन से मिलने वाली सुविधाओं, दवाओं के बारे में भी जानकारी ली गई। अपर जिलाधिकारी डॉ. सदानंद गुप्ता द्वारा ब्लड बैंक, आयुष कक्ष ,पैथोलॉजी सहित अन्य कक्षों का निरीक्षण किया गया। ब्लड बैंक में केवल 20 यूनिट ब्लड उपलब्ध पाया गया। जिस पर अपर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी चेतावनी दी गई और निर्देशित किया गया कि कम से कम 100 यूनिट ब्लड हमेशा उपलब्ध रहे। आयुष कक्ष के निरीक्षण में यूनानी और आयुर्वेद की कोई दवा उपलब्ध नहीं पाई गई। होम्योपैथिक दवाएं उपलब्ध थी। दवा की उपलब्धता न होने पर अपर जिलाधिकारी द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त की गई तथा दवा की उपलब्धता अभिलंब करने के लिए निर्देशित किया गया। पैथोलॉजी के निरीक्षण के दौरान लिपिड प्रोफाइल में ब्लड में कैल्शियम का लेवल थायराइड व अन्य कई छोटी जांच नहीं हो रही थी। इसे सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। इमरजेंसी वार्ड में आज 4 लोगों को एडमिट किया गया। वहां साफ-सफाई ठीक नहीं पाई गई। जिस पर संबंधित को साफ-सफाई के लिए निर्देशित किया गया। फार्मेसी में निरीक्षण के दौरान कुछ मरीजों को एक दो दवा बाहर से लिखा हुआ पाया गया जिस पर अपर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी जाहिर की गई और दावों की उपलब्धता के लिए निर्देशित किया गया। परिसर को साफ-सुथरा करने के लिए निर्देशित किया गया। जिला विकास अधिकारी द्वारा डायलिसिस कक्ष तथा एसएनसीयू कक्ष का निरीक्षण किया गया। मौके पर कोई अनुपस्थित नहीं पाया गया तथा न ही कोई कमी पाई गई। डीसी मनरेगा द्वारा इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया गया। मौके पर साफ सफाई व्यवस्थाएं ठीक नहीं पाई गई। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय द्वारा समस्त वार्डों का निरीक्षण किया गया। मरीजों द्वारा अवगत कराया गया कि प्रतिदिन नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि का भोजन निःशुल्क एवं पर्याप्त मिल रहा है। वार्डों की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वार्ड नंबर 2 तथा 4 के 2 बेडो पर फटी हुई चादरे बिछी थी। जिसे तत्काल बदलने के लिए वार्ड इंचार्ज को निर्देशित किया गया। परियोजना निदेशक द्वारा मरीजों का पंजीकरण तथा चिकित्सकों की उपस्थिति का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर 14 डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। खंड विकास अधिकारी भियांव अंजली भारती द्वारा मेटरनिटी वार्ड का निरीक्षण किया गया जिसमें ओपीडी कक्ष में डॉ. भानुमति वर्मा अनुपस्थित पाई गई। वहां पर बेसिन टूटा हुआ पाया गया तथा साफ सफाई भी संतोषजनक नहीं पाया गया।

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