Ayodhya

कप्तान साहब!थाना परिसर में घुसकर तांडव मचाने वाला दबंग प्रधान अब कर रहा गोलबंदी

👉अपने घटिया कृत्यों को छुपाने का कर रहा है असफल प्रयास
👉अराजकता फैलाने का बना रहा है माहौल
👉शासन-प्रशासन के नियम कानून को दरकिनार कर पुलिस प्रशासन को दे रहा खुली चुनौती
👉दबंग प्रधान के कृत्यों पोल क्या खुला कि बचने के लिए बना रहा है षड्यंत्र
👉ग्राम प्रधान भूल गया कि यह यूपी की योगी सरकार है जहां बुल्डोजर चलने में देरी नहीं लगती

अंबेडकर नगर. जनपद के थाना कटका पुलिस के सक्रियता और बेहतरीन कार्यों को धता बताने की कोशिश कर रहा ग्राम प्रधान दिलीप यादव को अब डर सताने लगा है। कि मेरे घटिया कृत्यों के कारण कहीं बुलडोजर ना चल जाए। इसलिए प्रधान संघ का सहारा लेकर और कुछ कथित मीडिया के लोगों को गुमराह कर माहौल को बिगाड़ने की रच रहा साजिश।

प्राप्त जानकारी के अनुसार युवा तेजतर्रार अपने बेहतरीन कार्यों से पहचान बनाने वाले जनपद के होनहार थानाध्यक्ष कटका के सक्रियता को देखकर ग्राम प्रधान बौखला गया है अब खुद को बचाने की सनक सवार हो चुकी है जो यह भूल गया था कि शासन और प्रशासन के कार्यों में खलल डालना कितना भारी पड़ सकता है। प्रधानी का नशा लिए थाना परिसर में घुसकर जिस तरह से तांडव मचाया वह बहुत ही निंदनीय और घटिया कृत्य है।

जानकारी के अनुसार जिस समय थानाध्यक्ष कटका थाने में आए फरियादियों की फरियाद सुन रहे थे उसी दौरान अपनी गंदी विचारधारा और मानसिकता को लेकर दबंगई दिखाने पहुंचे प्रधान ने थानेदार से उल्टे सीधे सवाल करते हुए उन पर भड़क उठा और पकड़े गए संदिग्धों को तत्काल छोड़ने की धमकी देने लगा फिर भी थानाध्यक्ष ने धैर्य का परिचय दिया.

जिसका दबंग प्रधान नाजायज फायदा उठाने लगा किसी तरह शालीनता के साथ समझा बुझाकर शांति बनाने को कहा तो ग्राम प्रधान और आग बबूला हो गया। किंतु ग्राम प्रधान के मनसूबे पर पानी फिर गया।  आखिरकार संदिग्ध तो एक अभिशाप होता है जिसके द्वारा बड़े से बड़े घटनाक्रमों का खुलासा होता है,न जाने उसका कैसा मंसूबा होता है और किस घटना को कब, कहां अंजाम दे बैठे।

सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार जब कटका पुलिस गश्त पर निकली थी उस दौरान पुलिस को देखते ही कुछ संदिग्ध शख्ते में आ गए और भागने की फिराक में थे बिना देरी किए हुए कटका पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए इन लोगों को पकड़ लिया और थाने ले आई जिसकी भनक लगते ही ग्राम प्रधान दिलीप यादव आग बबूला हो गया और थाने पहुंचते ही आपे से बाहर हो गया जो यह भूल गया कि शासन- प्रशासन और नियम कायदे कानून भी कुछ होता है.

किंतु ग्राम प्रधान ने सब कुछ दरकिनार करते हुए अपनी प्रधानी का नशा दिखाने लगा और देखते ही देखते थानेदार पर भड़क गया और फिर अपशब्दों की बौछार करने लगा हद तो तब हो गई जब ग्राम प्रधान ने बड़े जोशीले और धमकी भरी अंदाज में कहा कि मैं प्रधान हूं जो चाहूं कर लूंगा और तुम्हें यहां रहने नहीं दूंगा।

“वाह रे प्रधान तूने तो कर दिया कमाल”ऐसा लगता है मानो कि ग्राम प्रधान नहीं प्रधानमंत्री या फिर उत्तर प्रदेश का डीजीपी खुद को समझ बैठा है जो शासन-प्रशासन के नियम कानूनों को अपनी जेब में रख कर चलता है जिस पर किसी का कोई लगाम न हो इसके घटिया कृत्य से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह अपने क्षेत्र का विकास कैसे करता होगा मानो कि अपराधियों का एक मसीहा बनकर गांव में अपना पैर जमा रखा है।

दबंग ग्राम प्रधान के घटिया कृतियों और चरित्र का जब चीर हरण हुआ तो पैरों तले जमीन खिसक गई एक तरफ थाने में घुसकर तांडव मचाना, अपशब्दों का प्रयोग करना, थानेदार को धमकी देना और पुलिस के कार्य में खलल डालना, संदिग्धों को जबरन थाने से छुड़वाने के लिए जबर्दस्ती, गोलबंदी करना और क्षेत्र में अराजकता का माहौल पैदा करना के बावजूद ढोंग रचते हुए पुलिस कप्तान के पास कटका पुलिस की शिकायत लेकर हटाने की फरियाद लेकर पहुंचा था.

फिलहाल प्रकरण की जांच सीओ जलालपुर के हाथों में है, के बावजूद प्रधान संघ को लेकर उल्टे सीधे बयान बाजी करवा रहा है जनपद के पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है। कहीं ना कहीं जनपद के अंदर एक अराजकता के माहौल को विषम रूप देने का प्रयास कर रहा है। राजनीतिक माहौल से पीड़ित दबंग प्रधान उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तरह-तरह के तंज कस रहा है और पुलिस प्रशासन पर आरोपों की बौछार करकर ना जाने क्या साबित करना चाहता है.

खुद के गिरेबान में झांकने की कोशिश ना करके अपनी सभी गलतियों का ठीकरा कटका पुलिस पर फोड़ना चाहता है। कप्तान साहब!अब तो इस ग्राम प्रधान के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि ऐसे लोग क्षेत्र में ही नहीं पूरे जनपद का माहौल खराब कर सकते हैं और इनका साथ देने वालों को भी बख्शा ना जाए इन पर आवश्यक सभी कानूनी कार्रवाई की जाए।

अपनी प्रधानी को चमकाने जलवा बिखेरने के लिए इस प्रधान को कटका थाने में मनचाहा थानेदार चाहिए किंतु वर्तमान थानेदार अपने कर्तव्यों से हटकर कार्य नहीं करते बल्कि भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचारियों, अपराध एवं अपराधीयों के लिए विष के समान है ऐसे में ग्राम प्रधान का गंदा मनसूबा कामयाब नहीं हो सकता जिसका आकलन ग्राम प्रधान बीते दिनों में कर चुका है और अब उसे डर सता रहा है कि कहीं इसके सभी मंसूबों पर पानी ना फिर जाए। इस ग्राम प्रधान की जांच होनी चाहिए ।

सूत्र बताते हैं कि यह वही ग्राम प्रधान है जिसने बीते कुछ महीने पहले षड्यंत्र के तहत एक लेखपाल को फसाकर वाहवाही लूट रहा था जबकि इस ग्राम प्रधान ने लेखपाल को षड्यंत्र के तहत अपने घर पर बुलाकर साजिश रचकर वीडियो बनाया फिर ब्लैकमेल किया और फिर वीडियो वायरल कर लेखपाल के मान सम्मान के साथ खिलवाड़ किया।

लेखपाल को जरा सा भी अंदेशा ना था कि उसके साथ इतना बड़ा षडयंत्र रचा गया है जिसका वह शिकार हो गया और अन्ततः लेखपाल का स्थानांतरण हो गया।अपनी उसी गंदी मानसिकता से पीड़ित होकर कटका पुलिस को धता बताने का चक्रव्यूह रच रहा है जिससे अपने गंदे मंसूबे में कामयाब हो जाए।

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